कोरबा। शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास करीब 100 मीटर की दूरी पर संचालित होने वाले तंबाकू उत्पादों की दुकानों पर नशामुक्ति अभियान के तहत कार्रवाई की जा कर रही है। इस तरह की कार्रवाई को लोगों ने जायज भी ठहराया है क्योंकि शिक्षा संस्थानों के आसपास नशा बिक्री की दुकानों के संचालन से दूसरों को धूम्रपान तंबाकू आदि का नशा करते देखकर बच्चों के मन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। ऐसी कार्रवाई कोई एक दिन नहीं बल्कि हर समय होनी चाहिए।
सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वालों पर भी कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई हो रही है। लोगों का भी यही मानना है की शिक्षण संस्थाओं से 100 मीटर की दूरी पर इस तरह की दुकानों के न होने के नियम का पालन दुकानदारों को भी करना चाहिए। इसके विपरीत शुक्रवार को जिस तरह की कार्रवाई संयुक्त अमले के द्वारा सड़क पर उतरकर की गई, उसे लेकर चर्चा है कि यह कार्रवाई है या छोटे-छोटे दुकानदारों पर कहर बरपाने जैसी है।
तम्बाकू उत्पादों के विक्रय और उपभोग को लेकर कोटपा एक्ट के तहत 200 रुपए का जुर्माना करने के बाद जिस तरह से इससे अधिक की राशि का अतिरिक्त चालान नगर निगम के द्वारा काटा गया और दुकानों से बिना लिखा-पढ़ी के सामानों की बनाई की जप्ती को लेकर पीड़ित लोगों के साथ-साथ इस तरह की कार्रवाई से बचे दूसरे व्यवसाईयों में भय और आक्रोश देखा जा रहा है। अन्य व्यापारी दहशत में अपना कारोबार कर रहे हैं कि कहीं उनके भी दुकान में 10-15 लोग न घुस जाएं और सामानों की जप्ती ना बना लें।
ऐसी कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भी व्यापारी पर चौतरफा बोझ डाला गया हो। व्यापारियों के संगठन चेम्बर ऑफ कॉमर्स को भी इस तरह की कार्रवाई से ऐतराज है। कार्रवाई करने का अपना एक तरीका होता है लेकिन उस तरीके को दरकिनार कर मनमानी पूर्ण तरीके से और दहशत में डालकर कार्रवाई करना न्याय संगत नहीं माना जा रहा है। व्यापार संगठन ने उन ठेला और दुकानदारों से अपील भी की है कि वह कोटपा अधिनियम के नियमों का पालन करते हुए अपना व्यवसाय संचालन करें। साथ ही संबंधित अधिकारियों से भी अपील की है कि वह कार्रवाई की आड़ में अपनी मनमानी थोप कर बेवजह परेशान ना करें और जो कार्रवाई हो उसे नियमतः करें। एक ही व्यापारी पर जुर्माना फिर निगम से चालान और सामान की जप्ती और फिर दुकान की सील बंदी करना, यह किसी भी सूरत में न्यायोचित नहीं बल्कि मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा ही है।
👉🏻 क्या है कोटपा एक्ट
कोटपा एक्ट (COTPA – Cigarettes and Other Tobacco Products Act) भारत में तंबाकू उत्पादों की बिक्री, विज्ञापन और सेवन को नियंत्रित करने वाला मुख्य कानून है। इसे साल 2003 में बनाया गया था। इसका उद्देश्य लोगों को तंबाकू के धुएं और दुष्प्रभावों से बचाना है।किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करना मना है। इसके लिए ‘नो स्मोकिंग’ बोर्ड लगाना जरूरी है। तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापनों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना या उनसे इनकी बिक्री कराना गैर-कानूनी है। स्कूल-कॉलेज किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचना अपराध है। तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर साफ शब्दों में बड़ी चेतावनी और चित्र होना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान नहीं करने का नियम तोड़ने पर 200 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन का नियम तोड़ने पर पहली बार गलती करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना या 2 साल तक की जेल (या दोनों) हो सकती है।

👉🏻 चेम्बर अध्यक्ष योगेश जैन ने कहा
नगर निगम द्वारा जो गरीब पान ठेले पर कार्रवाई की गयी है, वह सर्वथा अनुचित है। पहले भी कोटपा के अंतर्गत कार्यवाही होती आ रही है, लेकिन इस तरह से कभी अनुचित व्यवहार नहीं किया गया। 200 रुपए की कोटपा की रसीद के साथ ही नगर निगम द्वारा गरीब पान ठेले वालों पर 500, 1000 और 5000 की रसीद काटना। उसके बाद भी ठेलों से सिगरेट पान-मसाला को इस तरह जब्ती करना जैसे गांजा-भांग की जब्ती बना रहे हैं। उतने में अधिकारियों का जी नहीं भरा तो, दो दुकानों को सील कर दिया।
चेम्बर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज कोरबा निगम की इस बर्बरतापूर्ण कार्यवाही की घोर निन्दा करता है और निगम अधिकारियों से पान ठेलों का सामान वापस करने एवं सील दुकानों को जल्द से जल्द खोलने की मांग करता है।

👉🏻 आयुक्त उतरे सड़क पर, 64 दुकानों पर कार्यवाही, 27100 रूपये का अर्थदण्ड
बता दें कि 21 अगस्त को आयुक्त आशुतोष पाण्डेय खुद सड़कों पर उतरे तथा निगम क्षेत्रांतर्गत विभिन्न वार्डो में स्थित शैक्षणिक संस्थानों, स्कूल, कालेज आदि के 100 मीटर के दायरे में तम्बाकू उत्पाद, बीड़ी, सिगरेट, गुटका, गुडाखू आदि का विक्रय करने वालों पर कार्यवाही कराई। दुकान व ठेला संचालकों को कड़ी हिदायत दी कि वे तम्बाकू उत्पादों का विक्रय व भण्डारण कदापि न करें। इस दौरान दर्जनों दुकानों, ठेलों से काफी मात्रा में तम्बाकू उत्पाद बीड़ी, सिगरेट, गुटका, गुडाखू आदि की जप्ती तथा अर्थदण्ड की कार्यवाही की गई, साथ ही अनेक दुकानों को सील भी कर दिया गया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के दिशा निर्देशन में नशामुक्ति भारत अभियान अंतर्गत निगम के सभी 07 जोनांतर्गत टीमों का गठन करते हुये निगम के अपर आयुक्त पवन वर्मा को अभियान का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है। इस अभियान में नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग व पुलिस विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है। आयुक्त श्री पाण्डेय ने निगम के कोसाबाड़ी जोनांतर्गत शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ब्लू वर्ड पब्लिक स्कूल, टीपीनगर जोनांतर्गत ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, कोरबा जोनांतर्गत प्राथमिक शाला सर्वमंगलापारा, सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत शासकीय विद्यालय सर्वमंगलानगर सहित अन्य विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों के 100 मीटर के दायरे स्थित दुकानों, ठेलों, गुमठियों का औचक निरीक्षण किया, इनमें से लगभग सभी दुकानों में तम्बाकू उत्पाद का विक्रय करते पाया गया, निगम अमले ने इन दुकानों से काफी मात्रा में तम्बाकू उत्पाद आदि की जप्ती की तथा दुकान संचालकों पर अर्थदण्ड लगाया, साथ ही अनेक दुकानों की सीलिंग की कार्यवाही भी की गई।
🫵🏻आयुक्त ने दी कड़ी हिदायत- आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान इन दुकान, ठेला, गुमठी संचालकों को कड़ी हिदायत देते हुये कहा कि स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का तम्बाकू उत्पाद, बीड़ी, सिगरेट, गुटका, गुडाखू आदि का विक्रय कदापि न करें। उन्होने कहा कि निगम के अमले द्वारा इसके विरूद्ध लगातार कार्यवाही प्रतिदिन जारी रहेगी, यदि दुकानों, ठेलों में पुनः इन तम्बाकू उत्पादों का विक्रय व भण्डारण करते हुये पाया जाता है तो सामग्री जप्ती, अर्थदण्ड के साथ ही नियमों के तहत अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जायेगी, अतः तम्बाकू उत्पाद का विक्रय भण्डारण कदापि न करें तथा इस कार्यवाही से बचें।
🫵🏻64 दुकानों, ठेलों पर हुई कार्यवाही, 27100 रू. अर्थदण्ड – निगम के अपर आयुक्त एवं अभियान के प्रभारी अधिकारी श्री पवन वर्मा ने बताया कि निगम के सभी जोनांतर्गत कुल 64 दुकानों पर यह कार्यवाही की गई, इनमें से 08 दुकानों को सील भीं किया गया व साथ ही इन दुकानों, ठेलों पर 27100 रूपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया। उन्होने बताया कि नगर निगम के कोरबा जोन में 02, रविशंकर नगर जोन में 06 दुकानों में सील बंदी की गई, जबकि कोरबा जोन में 09, टीपीनगर जोन में 02, कोसाबाड़ी जोन में 16, रविशंकर नगर जोन में 01, बालको जोन में 07, दर्री जोन में 11 तथा सर्वमंगलानगर जोन में 10 दुकानों से तम्बाकू उत्पाद जप्त करते हुये इन पर अर्थदण्ड लगाया गया।
















