पॉम मॉल में कोरबा पुलिस का विशेष साइबर जागरूकता अभियान, वीकेंड पर नागरिकों को UPI और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव की दी जानकारी, देखें वीडियो…

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कोरबा। साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा जिलेभर में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत रविवार को विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान करीब 1200 नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान के तहत शहर के पॉम मॉल में वीकेंड के दौरान विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पुलिस टीम ने आम नागरिकों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी।

UPI से लेकर फर्जी APK तक समझाए ठगी के नए तरीके

शहर के पॉम मॉल में वीकेंड के दौरान विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पुलिस टीम ने बड़ी संख्या में मौजूद नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों, UPI फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और संदिग्ध लिंक से होने वाले साइबर अपराधों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने छात्रावासों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम किए।

पाली के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कटघोरा के ग्राम घड़ीपकना, दीपका के ग्राम झाबर, बांकीमोंगरा के मैगजीन ग्राउंड, दर्री के भवानी बाजार, करतला के ग्राम बांधापाली, रजगामार के ओमपुर बाजार, हरदीबाजार के ग्राम बोईदा, चैतमा के ग्राम पोटापानी, पसान के आदिम जाति बालक छात्रावास, बांगो के बालक छात्रावास पोड़ी और मोरगा के बालक छात्रावास में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पुलिस ने UPI फ्रॉड, बैंक फ्रॉड, OTP फ्रॉड, फर्जी कॉल, अनजान लिंक, संदिग्ध APK फाइल, फर्जी वेबसाइट और पासवर्ड संबंधी धोखाधड़ी से बचने के तरीके समझाए।

OTP और UPI PIN साझा न करने की दी समझाइश

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को समझाइश देते हुए कहा कि OTP, UPI PIN, बैंक खाते से संबंधित जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने तथा फर्जी वेबसाइटों पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से भी बचने की अपील की गई।

पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर तत्काल भरोसा करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके साथ ही  cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की घटना के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, ठगी की रकम को रोकने या उसके ट्रांजैक्शन को ट्रेस करने की संभावना उतनी ही बेहतर रहती है।

कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

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