कोरबा। छत्तीसगढ़ शासकीय लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला शाखा कोरबा ने आदिम जाति विकास विभाग के अधीन संचालित आश्रम एवं छात्रावासों में कलेक्टर दर पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समायोजन और नियमित वेतनमान की मांग उठाई है। संघ ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 11 सितंबर 2026 के बाद एकदिवसीय सांकेतिक ध्यानाकर्षण आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
संघ के जिलाध्यक्ष गोपीचंद जगत ने सहायक आयुक्त, आदिम जाति विकास विभाग कोरबा को दिए पत्र में कहा है कि विभागीय आश्रम एवं छात्रावासों में रसोईया, जलवाहक और चौकीदार के रूप में कई कर्मचारी कलेक्टर दर पर कार्यरत हैं। संघ की मांग है कि विभाग में रिक्त पदों पर इन कर्मचारियों का युक्तियुक्तकरण (समायोजन) करते हुए उन्हें नियमित वेतनमान का लाभ दिया जाए।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में पूर्व में कलेक्टर (आदिवासी विकास) कार्यालय द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, रायपुर से मार्गदर्शन भी मांगा गया है, लेकिन संघ के अनुसार अब तक मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हुआ है।
संघ ने आरोप लगाया कि केवल मार्गदर्शन के लिए पत्राचार कर देने से विभाग अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता। कर्मचारियों के हित में जल्द निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
11 सितंबर तक समाधान नहीं होने पर आंदोलन
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 11 सितंबर 2026 तक कलेक्टर दर पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया, तो आश्रमों में कार्यरत रसोईया, जलवाहक और चौकीदार कर्मचारी सहायक आयुक्त कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय सांकेतिक ध्यानाकर्षण आंदोलन करेंगे। संघ ने आंदोलन की जिम्मेदारी विभाग एवं प्रशासन की होने की बात कही है।
जिलाध्यक्ष गोपीचंद जगत ने बताया कि आंदोलन की सूचना मुख्यमंत्री, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव, आयुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष पी.आर. साहू को आंदोलन में उपस्थित होकर कर्मचारियों को संबोधित करने का आग्रह किया गया है।

















