सीतामढ़ी की रमेश गली में मचा हड़कंप, बाल-बाल टला बड़ा हादसा
कोरबा। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतामढ़ी वार्ड क्रमांक 11 की रमेश गली में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खनिज विभाग की कार्रवाई से बचने की कोशिश में रेत से लदा ट्रैक्टर आबादी के बीच संकरी गली में जा घुसा।
बताया जा रहा है कि रेत से भरा ट्रैक्टर क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान खनिज विभाग की टीम की नजर वाहन पर पड़ी और उसे रोकने का प्रयास किया गया। कार्रवाई की भनक लगते ही चालक ने मुख्य मार्ग छोड़कर ट्रैक्टर को रमेश गली की ओर मोड़ दिया।
संकरी और घनी आबादी वाली गली में अचानक भारी वाहन के पहुंचते ही लोगों में हड़कंप मच गया। गली में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार से भारी वाहन के प्रवेश करने से किसी बड़े हादसे की स्थिति बन सकती थी। गनीमत रही कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
सवाल यह है—कार्रवाई से बचने के लिए आबादी की गलियां ही क्यों?
इस घटना ने रेत परिवहन व्यवस्था और खनिज विभाग की निगरानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि कार्रवाई के डर से रेत से लदे वाहन मुख्य मार्ग छोड़कर रिहायशी गलियों में घुसने लगेंगे, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
वार्डवासियों का कहना है कि भारी वाहनों की इस तरह आवाजाही पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। लोगों ने प्रशासन और खनिज विभाग से मांग की है कि रेत परिवहन करने वाले वाहनों की जांच सख्ती से की जाए और आबादी वाले क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इस मामले में संबंधित ट्रैक्टर के खिलाफ खनिज विभाग ने क्या कार्रवाई की है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, घटना का वीडियो सामने आने के बाद रिहायशी इलाकों में रेत परिवहन और कार्रवाई से बचने के लिए अपनाए जा रहे रास्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह रेत से लदा भारी वाहन संकरी रिहायशी गली में पहुंच गया। सवाल अब प्रशासन से है—क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी

















