कोरबा 22 सितंबर। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के अंतर्गत 21 सितंबर को क्लस्टर ग्राम कोलीहामुड़ा में प्राकृतिक खेती को लेकर कृषक जागरूकता एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बीज प्रमाणन अधिकारी गणेश मिश्रा ने क्लस्टर का निरीक्षण कर किसानों से प्राकृतिक खेती की पद्धति और इसके लाभों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में एडीओ टमपाल सिंह, आरएईओ मीनाक्षी ठाकुर, बीआरसी समूह के सदस्य तथा क्लस्टर ग्राम के कृषक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करते हुए स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले प्राकृतिक आदानों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बीज प्रामाणीकरण की प्रक्रिया और प्राकृतिक खेती में गुणवत्तापूर्ण बीज के महत्व पर भी चर्चा हुई।
कृषि विभाग के उपसंचालक देवेंद्र पाल सिंह कंवर ने बताया कि किसानों को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्निअस्त्र जैसे प्राकृतिक आदानों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। इनका उचित उपयोग कर किसान खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। अधिकारियों ने किसानों से प्राकृतिक खेती मिशन के तहत उपलब्ध कराई जा रही आदान सामग्री का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

















