दीपका सांधिया पर सनसनीखेज आरोप, वर्क ऑर्डर के नियमों के उल्लंघन पर उठे सवाल; 42 आयरन केबल ड्रम को लेकर जांच की मांग
कोरबा | JB News Korba | मनीष जायसवाल
कोरबा जिले में सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और कार्यादेश के नियमों को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। दर्री थाना क्षेत्र के पास सड़क किनारे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) के लोहे के केबल ड्रमों को गैस कटर से काटे जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में दीपक सांधिया की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

42 केबल ड्रमों को लेकर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित दस्तावेजों और वर्क ऑर्डर की शर्तों को लेकर करीब 9.8 मीट्रिक टन टावर पार्ट्स एवं कंडक्टर तथा लगभग 42 आयरन केबल ड्रमों की सामग्री को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि इन ड्रमों को सड़क किनारे गैस कटर से काटा जा रहा था।
इस मामले में यह भी जांच का विषय बताया जा रहा है कि संबंधित सामग्री कोरबा के टीएलएम स्टोर में जमा कराई गई थी या नहीं। यदि सामग्री सरकारी विभाग की थी, तो उसके रखरखाव, उपयोग और निस्तारण से जुड़े नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है।
वर्क ऑर्डर के नियमों के उल्लंघन का आरोप
मामले में वर्क ऑर्डर की शर्तों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या संबंधित अधिकारियों को इस कार्य की जानकारी थी और क्या सामग्री काटने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था।
प्रकाशित रिपोर्ट में एक कथित बयान के हवाले से अधिकारियों को मामले की जानकारी होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दस्तावेजों, वर्क ऑर्डर, स्टॉक रजिस्टर और सामग्री के हस्तांतरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जरूरत है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों से जवाब लेकर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
फिलहाल, मामला आरोपों के स्तर पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी संपत्ति के उपयोग या निस्तारण में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं।
JB News Korba की अपील: सरकारी संपत्ति से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय हो सके।

















