कोरबा। जनगणना-2027 को लेकर कोरबा जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना का काम अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। 10 से 24 जनवरी तक स्व-गणना, इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक घर-घर जाकर गणना और 1 से 5 मार्च तक पुनरीक्षण किया जाएगा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को सभी चरणों की तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने बुधवार को जनगणना-2027 के तहत जिला एवं चार्ज अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में पूरी गंभीरता और सावधानी बरती जाए। प्रथम चरण की कार्ययोजना के अनुसार सभी तैयारियां समय पर पूरी हों तथा प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए।जनगणना के पहले चरण में 10 से 24 जनवरी 2027 तक स्व-गणना के लिए पोर्टल खुला रहेगा। इस दौरान नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को शत-प्रतिशत स्व-गणना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक 35 दिनों में घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी। एक परिवार की गणना में करीब 23 से 30 मिनट लगने की संभावना है। 28 फरवरी को शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक बेघर लोगों की गणना की जाएगी। इसके बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण दौर चलेगा, जिसमें छूटे हुए लोगों को शामिल किया जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में दर्ज किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। अधिकारियों को जनगणना के नए प्रावधानों और नियमों को गंभीरता से समझकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।प्रशिक्षण में राष्ट्रीय प्रशिक्षक एवं जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के संयुक्त निदेशक अशोक मिश्रा ने जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान जिला जनगणना अधिकारी ओंकार यादव, अपर कलेक्टर कटघोरा, जिला नोडल अधिकारी बैद्यनाथ कुमार तथा अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी एम.एस. कंवर उपस्थित रहे।
24 चार्ज में होगी गणना
जिले में जनगणना के लिए कुल 24 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 12 ग्रामीण और 12 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की आवश्यकता होगी। कलेक्टर ने इनके समय रहते चिन्हांकन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा।
जनगणना-2027 में 40 प्रश्नों के माध्यम से व्यक्ति का नाम, आयु, शिक्षा, रोजगार, आधार कार्ड और बैंक खातों की उपलब्धता सहित अन्य जानकारियां ली जाएंगी। कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों तक जनगणना की सही जानकारी पहुंचाने के लिए पर्चे, रेडियो, सिनेमा और सामाजिक माध्यमों का उपयोग किया जाए।















