रायपुर : राजधानी रायपुर के केंद्रीय जेल प्रशासन की अच्छी पहल सामने आई है…. जहां अब सेंट्रल जेल रायपुर के कैदी और विचाराधीन बंदी पहली बार हैडवॉश, डिशवाश (बर्तन मांजने) नहाने, कपड़ा धोने का पाउडर एवं साबुन, फिनाईल और टॉयलेट क्लीनर बनाएंगे।
इसके लिए ग्रामीण आजीविका मिशन एवं बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा 35 कैदियों और विचाराधीन बंदियों को 6 दिन का प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रमाण पत्र दिया गया है।
जेल प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण से कैदी रिहा होने पर वह स्वयं के साथ ही अन्य लोगों को – रोजगार उपलब्ध करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा वित्तीय मदद और मार्गदर्शन भी मिलेगा।
जेल प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम चरण में 35 कैदियों के बाद अन्य कैदियों को न प्रशिक्षण देने की योजना है। कैदियों द्वारा बनाए गए वॉशिंग पाउडर को छत्तीसगढ़ीया डिटर्जेन्ट पाउडर नाम दिया गया। है। जेल निर्मित उत्पाद की लांचिग के बाद पैकेजिंग कर विभिन्न साइजों में 10 से लेकर 70 रुपए तक की कीमतों में उपलब्ध कराया जाएगा। इसे आर्कषक पैकिंग के साथ खुशबूदार बनाया गया है। ताकि बाजार में मिलने वाले सामानों से कम कीमत में प्रतिस्पर्धा कर डिमांड बढ़ा सकें।
रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य ने बताया कि, कैदियों के स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। स्वयं का कारोबार शुरू करने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन एवं बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा वित्तीय मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी।















