गेट मीटिंग, सामूहिक अवकाश और प्रदर्शन के जरिए जताया जाएगा विरोध; आरक्षण नियमों के पालन सहित 20 प्रमुख मांगें रखीं
स्थान – रायपुर (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों की लगातार अनदेखी से नाराज होकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन, जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के अध्यक्ष को पत्र भेजकर आंदोलन की सूचना दी है।
संघ का कहना है कि आरक्षण नियमों के पालन, पदोन्नति, भर्ती और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर कई बार प्रबंधन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
️ चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम
13 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 – सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में गेट मीटिंग के साथ सामूहिक हस्ताक्षर अभियान।
20 अप्रैल 2026 – एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन।
27 अप्रैल 2026 – अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश के साथ विशेष प्रदर्शन।
संघ की प्रमुख मांगें
सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आरक्षण नियमों का पालन।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण अधिनियम 1994 के तहत भर्ती एवं पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर लागू करना।
अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थापना संबंधी दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन।
लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करना।
विभागीय पदोन्नति समितियों में अनुसूचित जाति/जनजाति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।
तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को निश्चित सेवा अवधि के बाद पदोन्नति का प्रावधान।
द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए एसीपी (ACP) एवं ओल्ड टाइम बाउंड पदोन्नति लागू करना।
नाइट शिफ्ट अलाउंस, ओवरटाइम और रिस्क अलाउंस में वृद्धि।
दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करना।
कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना।
कार्यभार के अनुरूप पदों का पुनर्गठन एवं अधिकारियों के पदों का उन्नयन।
️ संघ की चेतावनी
संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन द्वारा शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।















