हरदीबाजार. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को हरदी बाजार की सभा में एसईसीएल दीपका प्रबंधन पर सीधा हमला बोला। मंच से गरजते हुए बघेल ने कहा
“अपने हक की लड़ाई लड़नी होगी, चाहे इसके लिए जेल ही क्यों न जाना पड़े। अगर आप चुप रहे तो अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे।”
सभा में उमड़ी भारी भीड़ के सामने बघेल ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि भूविस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों की जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया तो –
कांग्रेस के 35 विधायक विधानसभा से निकलकर हरदी बाजार में धरने पर बैठ जाएंगे।
बघेल की बड़ी घोषणाएँ –मुआवजा 2025 की दरों पर दिया जाए।
भूमि अधिग्रहण बिल 2013 के अनुसार – शहरी क्षेत्र में दोगुना मुआवजा, ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना मुआवजा
पहले सर्वे और विस्थापन की व्यवस्था हो, उसके बाद ही मकान तोड़े जाएं।
2004 के बाद की जमीन रजिस्ट्री को भी मान्यता दी जाए।
पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने दो टूक कहा –
“जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक 1 इंच जमीन भी प्रबंधन को नहीं दी जाएगी।”
वहीं, छत्तीसगढ़ के गांधी कहे जाने वाले बौद्ध धर्म कंवर ने सवाल उठाया –
“जब बाकी सभी कानून में संशोधन हो सकता है तो एसईसीएल के कानून में क्यों नहीं?”
ग्रामीणों की भारी मौजूदगी और बघेल के तल्ख तेवरों से सभा स्थल रणभूमि जैसा माहौल बन गया। एसईसीएल प्रबंधन में इस चेतावनी के बाद खलबली मच गई है।















