कीटनाशक फैक्ट्री में बड़ा खुलासा, एक्सपायरी दवाएं और प्रतिबंधित पैकेजिंग मिली, यूनिट सील

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धमतरी, 21 अगस्त। खरीफ सीजन के बीच किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे जांच अभियान में धमतरी कृषि विभाग को बड़ी अनियमितताएं मिली हैं। सोरिदभाट स्थित भारतीय रासायनिक उद्योग की कीटनाशक निर्माण इकाई में औचक निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी तिथि पार कर चुके कीटनाशक, प्रतिबंधित उत्पाद से संबंधित पैकेजिंग सामग्री और जरूरी दस्तावेजों की कमी सामने आई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने पूरी यूनिट को सील कर दिया है और कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। वहीं तैयार उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

एक्सपायरी कीटनाशक और प्रतिबंधित पैकेजिंग मिली

कृषि विभाग के राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त दल ने संचालक कृषि के निर्देश पर भारतीय रासायनिक उद्योग का निरीक्षण किया।जांच के दौरान टीम को इकाई में अवसान तिथि पार कर चुके कीटनाशकों का भंडारण मिला। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद से जुड़ी पैकेजिंग सामग्री भी मौके पर पाई गई।निरीक्षण दल ने निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली थोक सामग्री से संबंधित कंपनी अनुबंध की प्रति मांगी, लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।

जरूरी दस्तावेजों की भी कमी

निरीक्षण में सिर्फ स्टॉक से जुड़ी गड़बड़ियां ही नहीं, बल्कि दस्तावेजों से संबंधित कमियां भी सामने आईं।विभाग के अनुसार निर्धारित मासिक जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई थी। इसके अलावा प्रयोगशाला के संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी निरीक्षण दल को उपलब्ध नहीं कराए गए।कृषि विभाग ने इन अनियमितताओं को कीटनाशी अधिनियम और संबंधित नियमों के विपरीत माना है।

यूनिट सील, कीटनाशकों की बिक्री पर रोक

अनियमितताएं सामने आने के बाद कृषि विभाग ने संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही तत्काल प्रभाव से कीटनाशकों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया और पूरी निर्माण इकाई को सील कर दिया गया।

फैक्ट्री में तैयार किए गए कीटनाशी उत्पादों के नमूने भी लिए गए हैं। इन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजा गया है।

लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

अब आगे की कार्रवाई दो महत्वपूर्ण चीजों पर निर्भर करेगी—संस्था की ओर से दिए जाने वाले नोटिस के जवाब और प्रयोगशाला की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट।यदि जांच में कीटनाशकों की गुणवत्ता में भी गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित नियमों के तहत अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।

नियम तोड़ने पर लाइसेंस तक हो सकता है रद्द

कृषि विभाग के अधिकारी मोनेश साहू ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिले में कीटनाशी विक्रेताओं और कृषि आदान से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर विक्रय प्रतिबंध, लाइसेंस निलंबन और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है।

किसानों से भी विभाग की अपील

कृषि विभाग ने कीटनाशक विक्रेताओं और निर्माताओं को केवल पंजीकृत और मानक उत्पादों का ही भंडारण और विक्रय करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं किसानों से अपील की गई है कि कीटनाशक खरीदते समय लेबल, बैच नंबर, निर्माण तिथि, अवसान तिथि और पंजीयन संबंधी जानकारी जरूर जांचें। किसी उत्पाद या प्रतिष्ठान को लेकर संदेह होने पर कृषि विभाग को सूचना देने की अपील भी की गई है।

किसानों के हित में जारी रहेगा अभियान

कृषि विभाग का कहना है कि यह जांच अभियान किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार जारी रहेगा। अब सोरिदभाट की इकाई में लिए गए नमूनों की लैब रिपोर्ट और संस्था के जवाब पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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