कोरबा/रायपुर: छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) ने प्रदेश की आर्थिक और कानून व्यवस्था को लेकर दो बेहद गंभीर मामलों में मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने जिला कलेक्टर कोरबा के माध्यम से देश की राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

1. SECL कुसमुंडा परियोजना में अरबों का ‘कोयला खेल’
संगठन द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में SECL की कुसमुंडा परियोजना में 70 लाख टन कोयले की संदिग्ध हेराफेरी का आरोप लगाया गया है।
- घोटाले का गणित: आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, मार्च 2025 में क्लोजिंग स्टॉक 96.90 लाख टन था, जो अप्रैल 2025 के ओपनिंग स्टॉक में अचानक घटकर 89.99 लाख टन रह गया।
- आर्थिक नुकसान: इस गायब हुए कोयले की अनुमानित कीमत लगभग 2100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। संगठन ने इसे एक सोची-समझी आपराधिक साजिश करार देते हुए इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया है।

2. दुर्ग और बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती का पर्दाफाश
वहीं, राज्यपाल के नाम सौंपे गए दूसरे ज्ञापन में छत्तीसगढ़ के शांत वातावरण में फैलते ‘नशे के जाल’ पर चिंता जताई गई है।
- भाजपा नेता के फार्म हाउस का मामला: दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में एक भाजपा नेता के फार्म हाउस से करीब 8 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाले 14 लाख अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं।
- बलरामपुर में मक्के की आड़ में नशा: बलरामपुर जिले में भी मक्के की फसल के बीच छुपाकर की जा रही अफीम की खेती पकड़ी गई है।
क्रान्ति सेना की चेतावनी
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों (कोयला) की लूट मची है, तो दूसरी तरफ ‘नार्को-सिंडिकेट’ राज्य की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने की कोशिश कर रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि इन मामलों में जल्द ही निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।















