Wednesday, February 11, 2026

CG News : पंडित प्रदीप मिश्रा के शिवपुराण कथा के दौरान बवाल, सवा करोड़ के पंडाल में पेमेंट को लेकर पंडाल उखाड़ने की नौबत

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दुर्ग : दुर्ग जिले के ग्राम नागपुरा में आयोजित भव्य शिवपुराण कथा में चौथे दिन उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब आयोजन से जुड़े टेंट ठेकेदार और आयोजक समिति के बीच भुगतान को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। यह कथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा सुनाई जा रही है, जिसे सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

भुगतान को लेकर भड़का विवाद

विवाद की शुरुआत टेंट ठेकेदार नरेंद्र कुमार साहू के दावे से हुई। नरेंद्र साहू का कहना है कि पूरे आयोजन के लिए टेंट, पंडाल, साउंड सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं का सौदा 1 करोड़ 26 लाख रुपये में तय हुआ था। इसके बदले उन्हें अब तक केवल 26 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार मांग के बावजूद शेष राशि नहीं दी जा रही, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नरेंद्र साहू ने कहा,“ इतना बड़ा आयोजन है, सामग्री और मजदूर सब कुछ लगाया गया है। अगर समय पर भुगतान नहीं हुआ तो नुकसान कौन भरेगा? मजबूरी में हमने पंडाल उखाड़ने की कोशिश की, लेकिन बाद में आश्वासन मिला कि पैसा जल्द दिया जाएगा।”

पंडाल उखाड़ने की कोशिश से मचा हड़कंप

भुगतान न मिलने से नाराज ठेकेदार और उनके कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए पंडाल की संरचना हटाने की कोशिश की, जिससे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं और सेवादारों के बीच चिंता फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और कथा प्रबंधन से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।

आयोजकों की सफाई

आयोजन समिति की ओर से प्रिया साहू और भूपेंद्र रिगरी ने पूरे विवाद को “आंतरिक मनमुटाव” बताते हुए कहा कि यह कोई बड़ा संकट नहीं है। आयोजकों का कहना है कि इतना विशाल आयोजन होने के कारण भुगतान प्रक्रिया में कुछ देरी हुई है, लेकिन ठेकेदार का पैसा रोका नहीं जा रहा।आयोजकों ने कहा,“यह पांच दिन का बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। ऐसे आयोजनों में कभी-कभी आपसी मतभेद हो जाते हैं, लेकिन हम सब मिलकर इसे सुलझा लेंगे। कथा पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।”

पुलिस की भूमिका से शांत हुआ मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस के हस्तक्षेप और आयोजकों के आश्वासन के बाद टेंट उखाड़ने की प्रक्रिया रोक दी गई और कथा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के आगे बढ़ा। सबसे अहम बात यह रही कि विवाद और तनावपूर्ण हालात के बावजूद शिवपुराण कथा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। चौथे दिन करीब 1.75 लाख श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे छोटे-मोटे विवादों से धार्मिक आयोजन की पवित्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

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