कोरबा। सोशल मीडिया वाट्सएप्प में फर्जी बैंक संचालित करने वाले सुखचंद पात्रे, रूपचंद पात्रे एवं उसके रिश्तेदारों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग करते हुए शिकायत की गई है।
लिखित शिकायत में कहा गया है कि दर्री कोरबा निवासी सुखचंद पात्रे द्वारा विगत 03 वर्षों से विभिन्न प्रकार के सोशल मीडिया प्लेटफार्म वाट्सएप्प ग्रुपों में मिनीमाता मेमोरियल पब्लिक ट्रस्ट छ.ग. के नाम से फर्जी बैंक का संचालन किया जा रहा है। जिसमें विशेष रूप से शासकीय अधिकारी कर्मचारियों को जोड़कर, राशि दुगुना करने, बैंक, एल.आई.सी., पोस्ट ऑफिस और एस.आई.पी. से भी अधिक रिटर्न, 3000 से 30,000 प्रतिमाह मासिक आय, कमीशन, नौकरी, पेंशन एवं बीमा लाभ का प्रलोभन देकर बहुत ही बड़े स्तर पर निवेश कराकर ठगी का कार्य किया जा रहा है जो कि अपने निजी बैंक खातों एवं अपने रिस्तेदारों के बैंक खाते में जमा करवाये जा रहे हैं, जिनके समस्त खाते एच.डी.एफ.सी. बैंक एवं अन्य प्राईवेट सेक्टर बैंकों में है।
आरोप है कि संस्था के तथाकथित डायरेक्टर रूपचंद पात्रे एवं उसके रिस्तेदारों के द्वारा सतनामी समाज के विभिन्न वाट्सएप्प ग्रुपों को हैक कर समाज के अधिकारी-कर्मचारी एवं भोले-भाले लोगों को अपने ग्रुप में जोड़कर कम समय में राशि दुगुना करने, बैंक एवं बीमा कंपनियों से अधिक रिटर्न, नौकरी एवं पेंशन का लालच देकर पैसा ठगा जाता है। जो व्यक्ति पैसा जमा नहीं का पाता है उसे आर्थिक, जातिगत एवं अश्लील गाली गलौज देकर ग्रुप से बाहर कर दिया जाता है जिससे समाज के लोग मानसिक एवं अर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
मिनीमाता मेमोरियल ट्रस्ट जिसका न कोई पंजीयन, कोई कार्यालय और न ही कोई वैध लायसेंस है। सुखचंद पात्रे आपने फर्जी संस्था में छ.ग. के मुख्यमंत्री, सांसद, कलेक्टरों एवं पुलिस अधिकारियों को जुड़े होने एवं उनके निवेश होने का हवाला देकर हजारों सरकारी अधिकारी कर्मचारियों एवं आम लोगों से करोड़ों रूपये ठगी कर रहा है और यह सिलसिला लगातार 03 वर्षों से जारी है जो कि भविष्य में बहुत बड़े स्तर में आर्थिक ठगी होने की संभावना की ओर संकेत करता है।
सुखचंद पात्रे अपने वित्तीय संस्था के संचालन हेतु अलग-अलग विभागों के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारियों को अपना पदाधिकारी (प्रचारक) नियुक्त किया हुआ है जिसमें शिव प्रसाद कौशिक हेडमास्टर, एस.आर. मनहर बैंक कैशियर, गैंदलाल भास्कर व्याख्याता, हीरा दास रात्रे शिक्षक, विमल विमलेश शिक्षक, सुजीत रात्रे हेडमास्टर, धनुक पात्रे पुलिस, एस.आर. सांडे (एक्जीक्यूटिव इंजी.), अमर खुराना व्याख्याता, त्रिवेणी भास्कर शिक्षिका, अरविन्द पाटले शिक्षक, रामनारायण कुर्रे शिक्षक, नरेन्द्र पात्रे पटवारी कर्मचारियों के नाम संस्था के पदाधिकारियों (प्रमोटर) के रूप में सोशल मीडिया में मोबाईल नंबर सहित वायरल किये जा रहे हैं। साथ ही इन कर्मचारियों द्वारा मिनीमाता मेनोरियल नामक फर्जी बैंक में लाखों रूपये निवेश किये जाने जाने की जानकारी प्रसारित कर हजारों अधिकारी कर्मचारियों से लाखों रूपये निवेश कराकर ठगी की जा रही है। सुखचंद पात्रे के सिंडीकेट में उसके रिस्तेदार भी शामिल हैं।















