शेयर ट्रेडिंग में डबल मुनाफे का झांसा: 35 लाख ठगकर खरीदी लग्जरी कार, दुर्ग पुलिस ने 3 ‘नटवरलालों’ को दबोचा

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दुर्ग/भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शेयर बाजार में पैसा लगाकर रातों-रात रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सुपेला पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने करीब 35 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। हैरानी की बात यह है कि ठगी के इन पैसों से आरोपियों ने अपने शौक पूरे करने के लिए 13 लाख रुपये की एक लग्जरी कार भी खरीद ली थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?
नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रार्थी अविनाश कुमार ने 18 नवंबर को सुपेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में उनकी मुलाकात सेक्टर-1 निवासी चंदन राव, सूर्यकांत निर्मलकर उर्फ विवान सिंघानिया और देवेंद्र सहारे से हुई थी।

इन आरोपियों ने अविनाश को ‘निशा बिजनेस कंसल्टेंसी’ और ‘यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनियों के बारे में बताया। उन्होंने दावा किया कि अगर वे इन कंपनियों के जरिए शेयर मार्केट में निवेश करते हैं, तो उन्हें हर महीने मोटा मुनाफा मिलेगा। मुनाफे के इस लालच में आकर अविनाश ने अपनी बहन, रिश्तेदारों और परिचितों के साथ मिलकर कुल 35 लाख रुपये निवेश कर दिए।

पैसे मांगने पर टालमटोल, फिर खुली पोल
शुरुआत में भरोसे में लेने के बाद, जब पीड़ितों ने अपना मुनाफा या मूलधन मांगना शुरू किया, तो आरोपी बहाने बनाने लगे। न तो उन्हें प्रॉफिट मिला और न ही निवेश की गई रकम वापस मिली। ठगे जाने का अहसास होने पर पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली।

पुलिस ने बिछाया जाल, 13 लाख की कार जब्त
शिकायत मिलते ही सुपेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को धर दबोचा:

  1. चंदन राव (25 वर्ष)
  2. देवेंद्र कुमार सहारे (30 वर्ष)
  3. विवान सिंघानिया उर्फ सूर्या कांत निर्मलकर (28 वर्ष)

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार भी बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार ठगी के पैसों से ही खरीदी गई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

मास्टरमाइंड पहले से काट रहा जेल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस ठगी रैकेट का मुख्य सरगना कोई और है। गिरोह का मास्टरमाइंड स्नेहांशु नामदेव, उसकी पत्नी डॉली नामदेव और सहयोगी निशा मानिकपुरी पहले से ही जेल में बंद हैं। उन पर पहले ही 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक अन्य मामला चल रहा है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इन्हीं के इशारे पर लोगों को फंसाने का काम करते थे।

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