महिलाओं की भागीदारी से सशक्त हुआ आवास निर्माण अभियान, 50 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का घर
प्रदेश में आवास निर्माण अभियान अब सिर्फ घर बनाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह ‘नारी शक्ति’ के सशक्तिकरण की मिसाल बनकर सामने आया है। इस पहल में महिलाओं ने न केवल भागीदारी निभाई, बल्कि जिम्मेदारी संभालते हुए विकास की नई इबारत भी लिखी है।
रानी मिस्त्री से लेकर डीलर दीदी तक, विभिन्न भूमिकाओं में महिलाओं ने सक्रिय योगदान दिया और अपनी मेहनत से बदलाव की मजबूत नींव रखी। इस अभियान ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में उनकी भूमिका को भी मजबूती प्रदान की है।
डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह संभव हो सका है। इसी का परिणाम है कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तहत 50,044 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इन आवासों की हर ईंट में महिलाओं का आत्मविश्वास, परिश्रम और सहभागिता साफ झलकती है।
यह पहल न केवल आवास सुविधा उपलब्ध कराने में सफल रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।















