कोरबा।सुशासन तिहार 2026 के तहत कोरबा ब्लॉक के सुदूर ग्राम केराकछार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासन की योजनाओं से परे, आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर एक अनुपम उदाहरण पेश किया।
मंच से उतरकर कलेक्टर सीधे भीड़ में बैठी 80 वर्षीय एक पहाड़ी कोरवा महिला के पास पहुंचे और बड़े स्नेह से पूछा, “कैसी हो माताजी? राशनकार्ड से चावल मिल रहा है न? महतारी वंदन योजना के पैसे खाते में आ रहे हैं?”
कलेक्टर को इस तरह अपने पास पाकर बुजुर्ग महिला के चेहरे पर संतोष और खुशी की मुस्कान खिल उठी। उन्होंने सहज भाव से उत्तर दिया, “हाँ साहब, सब मिल रहा है।”
कलेक्टर ने न केवल योजनाओं की जानकारी ली, बल्कि गांव की समस्याओं, प्रधानमंत्री आवास योजना और परिवार की स्थिति के बारे में भी घर के सदस्य की तरह चर्चा की।
बाद में अपनी अनोखी लकड़ी की छड़ी थामे बैठे एक अन्य बुजुर्ग के पास जाकर उनका हाल-चाल पूछा और पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उन्हें शासन की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।
जब कुछ महिलाओं ने महतारी वंदन योजना में नाम न जुड़ पाने की व्यथा सुनाई, तो कलेक्टर ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि शासन जल्द ही पात्र और वंचित महिलाओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
सुशासन तिहार का यह शिविर केराकछार के ग्रामीणों के लिए मात्र एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बन गया, जहां उन्होंने महसूस किया कि सरकार उनकी दहलीज पर खड़ी है सिर्फ कागजों के लिए नहीं, बल्कि उनकी मुस्कान के लिए।















