कोरबा छत्तीसगढ़ // आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में घटिया सामग्री और गुणवत्ता में भारी लापरवाही का मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे के निर्देश पर दोषी एजेंसी के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिकायत के बाद जांच, आरोप सही पाए गए*
वार्डवासियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आंगनबाड़ी भवन निर्माण में घटिया सीमेंट, कमजोर सामग्री और मानकों की अनदेखी की शिकायत की गई थी। शिकायत मिलते ही निगम प्रशासन ने तत्काल जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए।
तुरंत कार्रवाईः निर्माण कार्य रोका, ढांचा तोड़ा गया
जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद निगम ने निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रुकवा दिया।
घटिया तरीके से बनाए गए कालम और बीम को JCB की मदद से तोड़कर हटाया गया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना न हो सके।
आयुक्त का सख्त संदेश
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे ने स्पष्ट कहा-
“बच्चों से जुड़े मामलों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार हरिश्चंद्र दुबे को पहले भी दो नोटिस दिए जा चुके थे, और अब तीसरी बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
ब्लैकलिस्टिंग और FIR की तैयारी
निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं किः ठेकेदार की निविदा (टेंडर) रद्द की जा सकती है एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान है गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज करने पर भी विचार किया जा रहा है
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
यह कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण तय मानकों के अनुसार हो, ताकि बच्चों के लिए सुरक्षित और मजबूत वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार की नीति के अनुरूप सख्ती
यह कदम राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बार-बार स्पष्ट किया गया है कि बच्चों, महिलाओं और गरीबों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।















