कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में वार्षिक ग्रीष्मकालीन शिविर (समर कैंप 2026) का शुभारंभ किया गया। 40 दिनों तक चलने वाले इस शिविर का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को निखारना और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। शिविर की शुरुआत के साथ ही बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, आज के प्रतिस्पर्धी दौर में पढ़ाई के साथ-साथ सह-पाठयक्रम गतिविधियों का ज्ञान भी आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए इस समर कैंप का आयोजन किया गया है। खास बात यह है कि इसमें विद्यालय के साथ-साथ अन्य स्कूलों के बच्चे भी भाग ले सकते हैं।

शिविर के दौरान बच्चों के लिए पेंटिंग, ड्राइंग और क्राफ्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे उनकी कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता को बढ़ावा मिल सके। वहीं एरोबिक्स और फिटनेस गतिविधियों के जरिए बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ और सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके अलावा व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देते हुए इंग्लिश स्पीकिंग और बेसिक ग्रामर की कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं, जिससे बच्चे आत्मविश्वास के साथ संवाद करना सीख सकें। डिजिटल युग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी भी शिविर का अहम हिस्सा है, जहां बच्चों को शुरुआती डिजिटल स्किल्स सिखाई जा रही हैं।

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस तरह के शिविर बच्चों में अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लाभकारी बताया है।
शिविर के आगामी दिनों में विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा और उनका उत्साह और भी बढ़ेगा।















