रायपुर : राजधानी के होटल हयात में ठगी और होटल का सामान लेकर फरार होने वाले अंतर्राज्यीय शातिर ठग को पुलिस ने घटना के 72 घंटे के भीतर ओड़िशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान तमिलनाडु निवासी 69 वर्षीय बिंगसन जॉन के रूप में हुई है। उसके खिलाफ देश के 10 से अधिक राज्यों में 300 से ज्यादा होटल में ठगी और चोरी के मामले दर्ज हैं, जिसको लेकर कई जगहों पर कार्यवाही चल रही है।
राजधानी के मामले में पुलिस के अनुसार आरोपी ने 25 जून को होटल हयात में कमरा लिया था। 27 जून की सुबह वह बिना चेक-आउट किए होटल से निकल गया था। उसने होटल का 63,755 रुपये का बिल नहीं चुकाया और विशेष अनुरोध पर उपयोग के लिए दिए गए करीब 1.48 लाख रुपये कीमत के लैपटॉप को भी अपने साथ ले गया। होटल प्रबंधन की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज किया गया है। बताया गया है कि शुरुआती दिनों में वह एक होटल में वेटर था, लेकिन बाद में फर्जी पहचान के सहारे महंगे होटलों में ठहरकर वारदातें करने लगा। जांच में यह भी सामने आया कि वह कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था।
मामले के अनुसार आरोपी तेलीबांधा स्थित हयात होटल में भी आरोपी 27 जून को ₹63,755 का बिल चुकाए बिना फरार हो गया था। वह होटल से करीब ₹1.48 लाख का किराए का लैपटॉप भी लेकर भाग गया था। होटल प्रबंधन की शिकायत पर जांच शुरू हुई, जिसके बाद पुलिस ने 72 घंटे के भीतर उसे भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर लैपटॉप बरामद कर लिया है।
जानिए पूरा मामला :
यह मामला तेलीबांधा स्थित होटल हयात का है। होटल के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी 25 जून को होटल में ठहरा था। 27 जून की सुबह वह बिना चेक-आउट किए होटल से भाग गया था, जिसको लेकर होटल वालों को इसकी भनक नहीं लगी और उन्होंने उसे फोन भी लगाया जो बंद बताता रहा। उसने होटल का 63,755 रुपए का बिल भी नहीं चुकाया था। इतना ही नहीं उसने अपनी मांग पर किराये पर लिया गया करीब 1.48 लाख रुपए का लैपटॉप भी साथ ले गया। बाद में होटल प्रबंधन ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसके दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले।
शिकायत मिलने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान होटल में जमा दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की गई। इससे आरोपी की लोकेशन ओड़िशा के भुवनेश्वर में मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची और घटना के महज 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया है।
300 से ज्यादा 5 स्टार होटलों को बना चुका है निशाना :
पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि वह 1990 से अब तक वह देशभर के 300 से अधिक 5 स्टार होटलों में ठगी और चोरी की वारदात कर चुका है। पुलिस के अनुसार वह पहली बार साल 1996 में तिहाड़ जेल गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था। इसी वजह से उसने लोगों को धोखा देने के नए-नए तरीके अपनाये। आरोपी खुद को कभी विदेशी ट्रैवल गाइड, कभी इंग्लिश टीचर तो कभी योगा टीचर बताकर महंगे होटलों में ठहरता था। कई दिनों तक होटल की सुविधाओं का इस्तेमाल करता और फिर बिना बिल चुकाये होटल का सामान लेकर फरार हो जाता था। इस तरह उसने कई होटलों को चूना लगाया था।
तमिलनाडु का रहने वाला है आरोपी :
बिंगसन जॉन मूल रूप से तमिलनाडु के तूतीकोरिन का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वह अब तक देश के अलग-अलग राज्यों की जेलों में करीब 15 साल बिता चुका है। रायपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत कार्यवाही कर उसे न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, अब पुलिस दूसरे राज्यों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों का रिकॉर्ड भी जुटा रही है, जिसके बाद कार्यवाही के दायरे को विस्तृत किया जा सके।
कौन था चार्ल्स शोभराज :
बिकनी किलर के नाम से मशहूर चार्ल्स शोभराज पर 1975 से 1980 के बीच लूट-पाट के अलावा थाईलैंड, भारत, नेपाल, अफगानिस्तान, ईरान और हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों में 20 से भी ज्यादा मर्डर करने के आरोप लगे थे। खबरों के मुताबिक उसने सबसे ज्यादा 14 मर्डर थाईलैंड में किये थे। सभी क्राइम और बुरे वक्त में तीन महिलायेन हमेशा उसके साथ खड़ी रहीं, वह किसी को भी आसानी से बहला फुसला लेता था, खासकर महिलाओं को। चार्ल्स गुरुमुख शोभराज होतचंद भवनानी, इस नाम की कहानी 6 अप्रैल 1944 से शुरू होती है, बताया जाता है कि शोभराज के पिता सिंधी हिंदुस्तानी थे, जो कपड़ों के काम के सिलसिले में वियतनाम गये हुए थे। उन्होंने साइगॉन शहर वियतनाम में एक दुकान खोली। इस शहर को आज हो ची मिन्ह के नाम से जाना जाता है। वियतनाम में यह वह दौर था, जब देश फ्रांस से आजाद होने के लिए जोर लगा रहा था। चार्ल्स के पिता दुकान में काम करने वाली एक असिस्टेंट के साथ रिलेशन में आये थे और चार्ल्स पैदा हुआ। लेकिन यह रिश्ता परंपरागत अंजाम तक नहीं पहुंचा। हालाँकि उनके कई किस्से चर्चित है। बताया जाता है कि चार्ल्स शोभराज एक फ्रांसीसी सीरियल किलर और ठग था, वह 1970 के दशक में, वह ‘हिप्पी ट्रेल’ से गुजरने वाले पश्चिमी पर्यटकों को अपना शिकार बनाता था। वह पर्यटकों के साथ दोस्ती करके उन्हें नशीली दवायेन देता था, और फिर उनकी पहचान चुरा लेता था और अक्सर उनकी हत्या कर देता था। उसे ‘बिकिनी किलर’ और ‘द सर्पेंट’ के नाम से भी जाना जाता है, वह ठगबाजी करके दुनियां के बड़े – बड़े होटलों में घूमता था, किसी भी जेल में वह लम्बे समय तक नहीं रहता था, वहां से वह भाग जाता था।















