कोरबा। हाल ही में लोकार्पित देवी अहिल्याबाई होलकर कन्वेंशन भवन की छत गिरने की घटना ने जिले में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भवन लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ था, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक माह पूर्व किया था।लोकार्पण के कुछ ही समय बाद छत गिरने से यह स्पष्ट होता है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। साथ ही, ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निर्माण विभाग की भूमिका पर भी संदेह गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने घटना को शर्मनाक बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कई सामाजिक संगठनों ने इसे जनता के पैसे के दुरुपयोग का मामला बताया है। यह घटना केवल एक निर्माण दुर्घटना नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की जवाबदेही तथा पारदर्शिता की परीक्षा भी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कब और कैसी कार्रवाई होती है।
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