कोरबा। नगर निगम ने वार्ड क्रमांक 03 में अधूरा विकास कार्य छोड़ने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा से जुड़ी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। तय समय सीमा के बाद भी काम शुरू नहीं होने पर ठेका निरस्त कर दिया गया और फर्म को एक वर्ष तक निगम की निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक अधोसंरचना मद के तहत 30 दिसंबर 2024 को कार्यादेश जारी किया गया था। चार माह में यानी 29 अप्रैल 2025 तक काम पूरा होना था। लेकिन नियत तिथि बीतने के करीब दस महीने बाद भी मौके पर काम की प्रगति शून्य रही।
निगम ने जुलाई, अगस्त और सितंबर 2025 में लगातार पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को अंतिम नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया, लेकिन ठेकेदार की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
इसे अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए निगम प्रशासन ने क्लॉज 2 और 3 के तहत कार्रवाई की। ठेका निरस्त करने के साथ निविदा के समय जमा अमानत राशि को ब्याज सहित राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही शेष कार्य का 10 प्रतिशत तक क्षतिपूर्ति अन्य देयकों या सुरक्षा निधि से वसूलने की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर इसे भू-राजस्व बकाया की तरह भी वसूला जा सकता है।
सबसे अहम पहलू यह है कि संबंधित फर्म को एक वर्ष तक नगर निगम कोरबा की किसी भी निविदा में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। चूंकि फर्म का संबंध भाजपा मंडल अध्यक्ष से बताया जा रहा है और उन्हें महापौर का करीबी माना जाता है, इसलिए इस कार्रवाई ने सियासी गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। नगर निगम का संदेश साफ है, समयसीमा के भीतर काम नहीं तो सख्त कदम तय हैं, चाहे ठेकेदार कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।















