कोरबा: नई रजिस्ट्री गाइडलाइन के खिलाफ कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का पुतला दहन

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कोरबा।  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर एवं ग्रामीण) ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भैंसमा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर राज्य सरकार की नई रजिस्ट्री गाइडलाइन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं तक बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भूमि गाइडलाइन दरों में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी को सरकार का अदूरदर्शी फैसला करार दिया। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और भूमि की खरीदी-बिक्री लगभग ठप पड़ जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने रजिस्ट्री दरों में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है, जिससे भविष्य में राजस्व की हानि भी तय है।

रामपुर विधायक फुलसिंह राठिया ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय विकास में बाधक है। उन्होंने बताया कि देश के किसी भी बड़े शहर—मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, पुणे—में गाइडलाइन दरें एक बार में 10–15 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ाई जातीं, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसे 130 से 500 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया, जो पूरी तरह असामान्य है।

पूर्व विधायक श्याम लाल कंवर ने कहा कि सरकार ने पहले कांग्रेस सरकार द्वारा दी जा रही 30 प्रतिशत की छूट समाप्त की और अब जमीनों की सरकारी कीमत में 10 से 100 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी है। इससे सरकार बदलने के बाद कुल गाइडलाइन बढ़ोतरी 40 से 130 प्रतिशत पहुंच चुकी है।

ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनोज चौहान ने उदाहरण देते हुए कहा कि 30 लाख की जमीन पर 22 लाख की स्टांप ड्यूटी थोपना किसी “तुनकमिजाज सरकार” का फैसला ही हो सकता है। कई क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क जमीन की कीमत के बराबर या उससे अधिक हो चुका है, जिससे आम खरीदार की कमर टूट जाएगी।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों, गरीबों और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार रियल एस्टेट सेक्टर में मिलता है, और इस निर्णय से पूरा कारोबार चरमरा जाएगा।

पूर्व जिला अध्यक्ष हरीश परसाई ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 30 प्रतिशत छूट देकर रियल एस्टेट में नई जान फूंकी थी, जिसकी वजह से कोरोना काल में भी अर्थव्यवस्था स्थिर रही। वर्तमान सरकार का फैसला बेरोजगारी बढ़ाएगा, अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा और यह साबित करता है कि सरकार का आर्थिक प्रबंधन पूरी तरह विफल है।

कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण कुर्रे ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को फर्जी मामलों में फंसाकर परेशान करने की कोशिश की जा रही है।

इस प्रदर्शन में पार्षद रवि चंदेल, सुखसागर निर्मलकर, अविनाश बंजारे, सांसद प्रतिनिधि रवि कश्यप, अब्दुल, सुभाष, जयकिशन श्रीवास, आवेश कुरैशी, आशीष गांगुली, सरवन सिंह सहित जिला कांग्रेस कमेटी (शहर एवं ग्रामीण) के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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