लखपति दीदी सावित्री विश्वास बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, ‘बिहान’ योजना से संवर रही ग्रामीण महिलाओं की तकदीर

Must Read

कोरबा | समाचार सेवा छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में बदलाव की नई इबारत लिख रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि ‘लखपति दीदी’ बनकर समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं। इसी की एक जीवंत मिसाल हैं कोरबा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत गुरमा की सावित्री विश्वास।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

एक समय था जब सावित्री विश्वास का जीवन आर्थिक असुरक्षा और संसाधनों के अभाव में बीत रहा था। 5 दिसंबर 2017 को उन्होंने ‘पूजा स्वसहायता समूह’ का गठन किया, जो उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। बिहान कार्यक्रम के तहत मिले प्रशिक्षण और वित्तीय साक्षरता ने उनके भीतर उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाया।

व्यवसाय का विस्तार और बढ़ती आय

सावित्री ने अपनी यात्रा एक छोटी सी किराना और फैंसी स्टोर से शुरू की थी। जिला प्रशासन और बैंक के सहयोग से मिले ऋण का उन्होंने सही दिशा में निवेश किया:

  • शुरुआत: 60 हजार रुपये की पूंजी से किराना दुकान।
  • विस्तार: 1 लाख रुपये के ऋण से चप्पल की दुकान।
  • विविधता: बैंक और सीएलएफ (CLF) से लगभग 6 लाख रुपये का ऋण लेकर मेडिकल स्टोर और कृषि सेवा केंद्र की स्थापना।

आज सावित्री फैंसी स्टोर, कपड़ा दुकान, बर्तन दुकान और मेडिकल स्टोर जैसे कई व्यवसायों का सफल संचालन कर रही हैं। उनकी वार्षिक आय अब लगभग 7.70 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

परिवार का भविष्य किया सुरक्षित

अपनी आत्मनिर्भरता के दम पर सावित्री ने अपने बच्चों के भविष्य को नई उड़ान दी है:

  1. बड़ा बेटा: बी.फार्मेसी की पढ़ाई पूरी की।
  2. बेटी: बीएससी नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त कर रही है।
  3. छोटा बेटा: चॉइस सेंटर के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़ा।

गाँव की अन्य महिलाओं के लिए बनीं ‘रोल मॉडल’

सावित्री की सफलता को देख गाँव की अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं। वे अब समूह से जुड़कर होटल, किराना और अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। सावित्री अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय राज्य सरकार की बिहान योजना और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन को देती हैं।

“बिहान योजना ने मुझे सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीना सिखाया है। आज मैं गर्व से कह सकती हूँ कि मेहनत और सही सरकारी सहयोग मिले तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है।” > —सावित्री विश्वास, सफल उद्यमी

प्रमुख बिंदु: एक नजर में

विवरण जानकारी

नाम सावित्री विश्वास

ग्राम पंचायत गुरमा (कोरबा)

समूह का नाम पूजा स्वसहायता समूह

वार्षिक आय ₹7.70 लाख (लगभग)

प्रमुख व्यवसाय मेडिकल स्टोर, कृषि केंद्र, फैंसी स्टोर

- Advertisement -
Latest News

सक्ती: 20 हजार की रिश्वत लेते चंद्रपुर थाने का ASI गिरफ्तार, ACB बिलासपुर की बड़ी कार्रवाई,देखिए विडिओ

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एसीबी (ACB) बिलासपुर की...

More Articles Like This