कोरबा, 4 जुलाई 2025 –
कोरबा जिले में परिवहन विभाग जहां ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस, परमिट व वाहनों से जुड़ी तमाम प्रक्रियाएं संपन्न होती हैं, वहीं विभागीय कार्यालय के बाहर अवैध रूप से कई एजेंटों द्वारा दुकानें खोल ली गई हैं। इन दुकानों में खुलेआम दलाली और कालाबाजारी का खेल चल रहा है।
JB न्यूज़ कोरबा के संवाददाता मनीष जायसवाल ने जब मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और परिवहन अधिकारी से इस पर सवाल किया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “यह सभी दुकानें अवैध हैं और एजेंट गैरकानूनी तरीके से लाइसेंस, फिटनेस और अन्य दस्तावेजों का काम कर रहे हैं। परिवहन विभाग इनकी जिम्मेदारी नहीं लेता।”
जब यह पूछा गया कि फिर इन अवैध दुकानों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती, तो अधिकारी का जवाब था कि “यह कार्रवाई नगर निगम की जिम्मेदारी है, न कि परिवहन विभाग की।”

यह बात चौंकाने वाली है कि जहां एक ओर आम जनता को सरकारी प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर दलालों के माध्यम से काम बिना रोकटोक के हो रहा है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में संबंधित विभाग इस गैरकानूनी गतिविधि से अनभिज्ञ है या जानबूझकर आंख मूंदे हुए है?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एजेंटों द्वारा मोटी रकम लेकर काम करवाया जाता है और यही कारण है कि आम लोगों को सीधे सरकारी कार्यालयों से काम करवाना मुश्किल होता जा रहा है।

JB न्यूज़ कोरबा प्रशासन से यह मांग करता है कि इस गंभीर अनियमितता पर संज्ञान लेते हुए अवैध दुकानों और एजेंटों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और आम जनता के अनुकूल बन सके।















