कोरबा। कोरबा साइबर पुलिस ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई ₹6 लाख की राशि सुरक्षित होल्ड (डेबिट फ्रीज) करा दी है। अब नियमानुसार वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर यह राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस दिलाने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर नोडल) नीतीश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना लगातार साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, राहुल रात्रे ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो गए थे। अज्ञात ठग ने छलपूर्वक उनसे ₹6 लाख अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही साइबर पुलिस थाना कोरबा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए NCRP पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंक खातों में उपलब्ध राशि को डेबिट फ्रीज करा दिया, जिससे पूरी राशि सुरक्षित हो गई। पुलिस अब कानूनी प्रक्रिया के तहत यह राशि पीड़ित को वापस दिलाने की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने नागरिकों से की अपील
कोरबा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि वे फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट, लोन फ्रॉड या सोशल मीडिया फ्रॉड जैसी किसी भी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए 1930 पर कॉल करें, NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें तथा निकटतम पुलिस थाना या साइबर थाना में तत्काल सूचना दें।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, बैंक खाता या एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।















