SECL कुसमुंडा में स्थानीय भू-विस्थापितों व मजदूरों के हकों पर कुठाराघात, 20 वर्षों से कार्यरत श्रमिकों को दरकिनार कर KNRCL कंपनी में गुपचुप बाहरी भर्ती का आरोप

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कोरबा। SECL कुसमुंडा क्षेत्र में गोदावरी डिफाई जेवी (Godavari Defai JV) का कार्य समाप्त होने के बाद नई ठेका कंपनी KNRCL द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता तानाशाही और स्थानीय हितों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवं सांसद प्रतिनिधि तनवीर अहमद ने SECL कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को पत्र लिखकर प्रबंधन व KNRCL की सांठगांठ से की जा रही गुपचुप बाहरी भर्तियों पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है ।

20 वर्षों से सेवाएं दे रहे मजदूर हुए बेरोजगार

सांसद प्रतिनिधि तनवीर अहमद ने बताया कि गोदावरी कंपनी में पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार अपनी निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे ऑपरेटर ड्राइवर सहित सैंकड़ों स्थानीय श्रमिक कंपनी का ठेका समाप्त होते ही अचानक बेरोजगार हो गए हैं ।

प्रबंधन के वादे और आश्वासन की उड़ीं धज्जियां

उन्होंने बताया कि पूर्व में SECL कुसमुंडा के मुख्य महाप्रबंधक एवं गोदावरी कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि नई ठेका कंपनी KNRCL में सर्वप्रथम स्थानीय भू-विस्थापितों को प्राथमिकता दी जाएगी तत्पश्चात गोदावरी कंपनी में कार्यरत सभी पुराने व अनुभवी श्रमिकों को शत-प्रतिशत काम पर वापस लिया जाएगा ।

इस आधिकारिक आश्वासन के बाद सभी गरीब मजदूर व भू-विस्थापित शांतिपूर्ण ढंग से SECL द्वारा जारी की जाने वाली रोजगार सूची का इंतजार कर रहे थे ।

पीठ पीछे बाहरी व्यक्तियों की गुपचुप भर्ती

तनवीर अहमद ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन के संरक्षण में KNRCL कंपनी द्वारा स्थानीय भू-विस्थापितों और 20 वर्षों से कार्यरत अनुभवी श्रमिकों के पेट पर लात मारते हुए चुपके-चुपके बाहरी व्यक्तियों की भर्ती की जा रही है यह न केवल स्थानीय युवाओं के साथ छल और अन्याय है बल्कि प्रबंधन के वादे की सीधी खिलाफत है ।

  • आंदोलन की चेतावनी*

तनवीर अहमद ने SECL एवं KNRCL प्रबंधन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:-

  1. 100% समायोजन:- KNRCL कंपनी में स्थानीय भू-विस्थापितों के अतिरिक्त गोदावरी कंपनी के प्रतीक्षाचरत सभी 100% श्रमिकों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जाए ।
  2. बाहरी भर्ती पर रोक:- बाहरी व्यक्तियों की गैर-कानूनी व गुपचुप भर्ती पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए ।
  3. आर-पार की लड़ाई:- यदि पात्र स्थानीय श्रमिकों को तत्काल रोजगार से वंचित किया गया तो कांग्रेस पार्टी मजदूरों और भू-विस्थापितों के साथ मिलकर SECL व KNRCL प्रबंधन के खिलाफ विशाल जन-आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा जिसकी पूरी नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी SECL एवं KNRCL प्रबंधन की होगी ।

उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि

मामले की गंभीरता को देखते हुए इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत जिलाध्यक्ष मनोज चौहान (ग्रामीण) कलेक्टर कोरबा एवं SDM कटघोरा को प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है ।

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