कोरबा। संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत वर्ष 2021-22 में विभागीय छात्रावास/आश्रयों में लघु निर्माण और नवीनीकरण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आदिवासी विकास कोष से हुए इन कार्यों में नियम विरुद्ध भुगतान और कार्य अधूरे छोड़ने के आरोप में विभाग ने जांच कर चार ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।
मुख्य अभियंता कार्यालय की जांच में पाया गया कि चारों फर्मों द्वारा 48 लाख से अधिक राशि वाले कार्य अधूरे छोड़े गए और भुगतान भी नियमों के विरुद्ध किया गया। जांच समिति ने दोषी पाए गए ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की सिफारिश की, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद कार्रवाई की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि ठेकेदारों ने निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे नहीं किए और स्वीकृत राशि से कम खर्च करने के बावजूद भुगतान ले लिया। विभाग ने इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की है।
मामले में शामिल अधिकारी
जांच रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन सहायक आयुक्त, उप अभियंता और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















