अयोध्या में रामनवमी पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा। 4 मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ेंगी। इससे पहले, सुबह रामलला की आरती की गई। भगवान को पीतांबर पहनाए गए।
गर्भगृह को फूलों से सजाया गया है। 10 हजार मंदिरों में रामनवमी मनाई जा रही है। 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। अभी हर दिन औसतन 70 हजार श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
राम नवमी पर आम दिनों के मुकाबले भक्त 3 घंटे ज्यादा रामलला के दर्शन कर पाएंगे। श्रद्धालु सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन करेंगे। पहले सुबह 6:30 से रात 9:30 तक दर्शन होते थे।
रामलला के जन्म के बाद उन्हें 56 तरह के व्यंजन का भोग लगेगा। इसमें फलाहार, कुटू और सिंघाड़े के आटे के साथ धनिया और राम दाना की पंजीरी से भोग लगाया जाएगा। यह करीब 10 क्विंटल होगा, जो बाद में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा।
सूर्य तिलक से आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद तक वीआईपी एंट्री पर रोक रहेगी। जन्म के समय 14 विशेष पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहेंगे। इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा, इसके लिए राम मंदिर में 6 कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर जाने वाले सभी रास्तों पर रेड कारपेट बिछाए गए हैं।
रामनवमी पर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने रामनगरी को हाईअलर्ट पर रखा है। पूरे शहर में उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), विशेष कार्य बल (STF) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर डॉग स्क्वाड टीम द्वारा पूरे अयोध्या में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, घाटों और मंदिर परिसर के आसपास विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि रामनवमी का पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।















