बच्चेदानी की गंभीर बीमारी से जिला अस्पताल में बिना उपचार तड़प रही बेबस गरीब महिला का मामला : खबर प्रकाशन से हरकत में आया अस्पताल प्रबंधन, पीड़िता के परिजन को खरी- खोटी सुनाने के साथ देने लगे उपचार की ओर ध्यान

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कोरबा:- जिला मुख्यालय में स्थित आईएसओ प्रमाणित इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में बच्चेदानी की गंभीर बीमारी से ग्रसित पिछले 16 फरवरी से भर्ती 45 वर्षीय गरीब महिला छतबाई पति परदेशी दास अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी व चिकित्सकों के लापरवाही का शिकार हो बीमारी की दर्द से कराह रही है। सीएमएचओ डॉ. सूर्यनारायण केसरी के संज्ञान में यह गंभीर मामला लाने के बाद भी आवश्यक उपचार को लेकर चिकित्सको का कोई हरकत देखने को नही मिला था। इस हालात में एक सप्ताह पूर्व से भर्ती मरीज की हालत को लेकर खबरें प्रसारित की गई और स्वास्थ्य सिस्टम में व्याप्त अनदेखी, लापरवाही को उजागर किया गया। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और आनन- फानन में मरीज की सुध लेते हुए डॉक्टरों ने आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वही खबर प्रसारित मामले को लेकर पीड़िता मरीज के परिजनों को चिकित्सको ने खरी- खोटी भी सुनाई है। लेकिन यह कोई बड़ी बात नही, बड़ी बात है तो केवल जिला चिकित्सालय में भरोसा कर भर्ती हुए मरीजों का जो यह उम्मीद लेकर इस चिकित्सालय में आते है कि उनके मर्ज का अनुभवी चिकित्सकों के माध्यम से उचित व समय पर उपचार होगा, लेकिन यदि मरीजों का यह उम्मीद टूटने या फीका होने लगे तो फिर सरकार द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य और उपचार प्रबंधन पर प्रतिमाह किये जा रहे लाखों खर्च का क्या महत्त्व रहेगा। यह जिला अस्पताल न केवल एक अस्पताल है, बल्कि छोटे- बड़े बीमारी से ग्रसित मरीजों का एक उम्मीद है। लोगों के इस उम्मीद को चिकित्सालय के लापरवाह चिकित्सक तोड़ने के साथ अस्पताल की साख और शासन- प्रशासन की छवि धूमिल करने में लगे है, जिस पर अस्पताल प्रबंधन का कोई नकेल नही है। इस ओर शासन, खासकर जिला प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।

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