कोरबा भोजन की तलाश में शहर पहुचे दो लंगूरों की अलग-अलग स्थानों पर बिजली के करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। एक ही दिन में दो लंगूरों की मौत की घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा और शहर में बढ़ती उनकी आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।पहली घटना लालूराम कॉलोनी के पास हुई, जहां एक लंगूर ट्रांसफार्मर के संपर्क में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने लंगूरों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा की वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है।
वहीं दूसरी घटना मेन रोड स्थित गरिमा मेडिकल विकास कॉम्प्लेक्स के पास सामने आई। यहां भी एक लंगूर बिजली के करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।एक ही दिन में दो लंगूरों की करंट से मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्राकृतिक आवास कम होने के कारण वन्यजीव भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में शहर की ओर रुख कर रहे हैं। शहर में मौजूद ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइनें वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है। दोनों मृत लंगूरों के शवों का गौ सेवक अविनाश गुप्ता एवं उनकी टीम द्वारा विधि-विधान से कफन-दफन किया गया। टीम की इस पहल से बेजुबान वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी सामने आया।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग एवं बिजली विभाग से मांग की है कि वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में बेजुबान वन्यजीवों की जान न जाए।















