बिलासपुर 13 अगस्त 2025:- – छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बहु-करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने ईडी के अधिवक्ता द्वारा समय मांगने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए शपथ पत्र के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने पैरवी की। अदालत ने स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल की सुविधा संबंधी मांग पर ट्रायल कोर्ट में आवेदन देने की सलाह दी। साथ ही परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जेल अधीक्षक, रायपुर, को आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।
चैतन्य बघेल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसमें उन्हें अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए नई कार्यवाही दायर करने की छूट दी गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि वे उच्च न्यायालय में ईडी की कार्रवाइयों को चुनौती दे सकते हैं और अलग से सर्वोच्च न्यायालय में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 50 और 63 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दे सकते हैं।
ईडी ने 18 जुलाई को चैतन्य को गिरफ्तार किया था। वे 18 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में हैं। एजेंसी का आरोप है कि वे शराब सिंडिकेट की अवैध आय के धनशोधन में शामिल हैं, जिसमें जुड़े हुए कोल लेवी और महादेव ऐप मामलों के मुख्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं।















