बच्चों के बीच बैठकर कलेक्टर दुदावत ने किया वन-टू-वन संवाद, बोले- मोबाइल नहीं, मेहनत और अनुशासन बनाएगा भविष्य; NEET-JEE कोचिंग व उच्च शिक्षा में प्रशासन देगा सहयोग…
कोरबा। शिक्षक दिवस के मौके पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने एक अलग अंदाज में विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर शिक्षक की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रधानमंत्री एकलव्य आवासीय विद्यालय छुरी में कक्षाओं का निरीक्षण करने के साथ विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद किया और उन्हें मेहनत, अनुशासन, दृढ़ संकल्प व लक्ष्य के प्रति एकाग्रता को सफलता की कुंजी बताया। कलेक्टर ने कक्षा में विद्यार्थियों के बीच बैठकर कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा लौटकर नहीं आता। यही वह समय है जब पूरी लगन और ईमानदारी से पढ़ाई कर अपने भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को माता-पिता की उम्मीदों पर खरा उतरने और अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।
विद्यार्थियों से सीधे जानी समस्याएं– कलेक्टर ने कक्षा आठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने पढ़ाई, भोजन, आवास, पानी और विद्यालय में मिलने वाली अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कक्षा 12वीं विज्ञान के विद्यार्थियों को फिजिक्स के सवाल हल करने के लिए दिए गए। निर्धारित समय में विद्यार्थी सवाल हल नहीं कर पाए, जिस पर कलेक्टर ने शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई में किसी भी तरह की परेशानी होने पर मोबाइल के बजाय शिक्षकों से अपनी शंकाओं का समाधान कराएं।

पानी की समस्या जल्द होगी दूर– विद्यार्थियों ने विद्यालय में पानी की समस्या सहित अन्य परेशानियां बताईं। कलेक्टर ने बताया कि जलस्तर नीचे जाने के कारण बोर असफल हुए हैं। स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। उन्होंने प्राचार्य और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर को विद्यालय की अन्य समस्याओं का भी प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
आठ शिक्षक अनुपस्थित, नोटिस के निर्देश- आकस्मिक निरीक्षण के दौरान आठ शिक्षक अनुपस्थित मिले। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर को पीजीटी/टीजीटी शिक्षक दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा और अशोक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
NEET-JEE की आवासीय कोचिंग, उच्च शिक्षा में भी मदद– कलेक्टर ने विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि डॉक्टर और इंजीनियर बनने की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए NEET-JEE की आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। बेहतर संस्थानों में चयन होने पर उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक शुल्क में भी जिला प्रशासन सहयोग करेगा। उन्होंने अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को देश के प्रमुख संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण का अवसर दिए जाने की जानकारी भी दी।
मोबाइल से दूरी, पढ़ाई पर फोकस की सलाह- कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस समय पढ़ाई ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यालय में मोबाइल लाना अनुशासन के अनुरूप नहीं है। किसी विषय में कठिनाई होने पर शिक्षक से सीधे संवाद कर समाधान प्राप्त करने की बात कही।अंत में कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि लक्ष्य जितना बड़ा होगा, उसे हासिल करने के लिए मेहनत भी उतनी ही बड़ी करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को हर समस्या खुलकर बताने का भरोसा दिलाया और कहा कि जिला प्रशासन उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत CEO प्रतीक जैन, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर सहित विद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

















