कटघोरा के अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान मिलीं गंभीर अनियमितताएं, मरीजों से नगद राशि लेने सहित कई खामियां उजागर
कोरबा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी और जांच की जा रही है। इसी कड़ी में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल (HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच दल को निरीक्षण के दौरान मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान मिले। इसके अलावा भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज पाए गए। भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबर गलत अथवा उपयोग में नहीं होने की बात भी सामने आई। वहीं, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताओं के साथ पैथोलॉजी एवं अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े आवश्यक अभिलेख भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए।
इन अनियमितताओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि, प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताओं की पुष्टि हुई।
एक साल तक नए मरीजों को योजना के तहत नहीं कर सकेगा भर्ती
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल प्रबंधन को योजना के तहत नए मरीजों को भर्ती नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्पताल एवं परिसर में लगी आयुष्मान योजना से संबंधित सभी प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के लिए भी कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, वित्तीय अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।















