कोरबा, 05सितम्बर 2025।
कोरबा जिले के सर्किल-2 में पदस्थ राज्य कर (GST) अधिकारी प्रभाकर उपाध्याय के खिलाफ छोटे व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अधिकारी द्वारा अनावश्यक नोटिस (ASMT-10) भेजकर उन्हें परेशान किया जा रहा है, जबकि उनके टैक्स दस्तावेज पूरी तरह से नियमों के अनुरूप हैं।
व्यापारियों ने बताया कि जिन कारोबारियों की GSTR-1 और GSTR-3B, यहां तक कि GSTR-2B और 3B भी पूरी तरह मेल खाते हैं, उन्हें भी ऑडिट रिपोर्ट, स्टॉक विवरण, खरीद-बिक्री के बिल और आयकर से संबंधित दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। यह दस्तावेज सामान्यतः उच्च स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया में ही मांगे जाते हैं।

आरोप है कि ऑनलाइन जवाब (ASMT-11) देने के बाद भी अधिकारी स्वयं व्यापारियों को फोन कर “ऑफिस आकर मिलने” और “बिक्री तय करने” जैसी बात कहते हैं। इसे व्यापारियों ने ग़ैर-कानूनी और व्यापार विरोधी बताया है।

व्यापारियों का कहना है कि प्रभाकर उपाध्याय मात्र दो माह पहले ही कोरबा सर्किल-2 में पदस्थ हुए हैं, और इतने कम समय में ही उन्होंने व्यापारिक माहौल खराब कर दिया है। इससे न केवल व्यापारी वर्ग का विश्वास डगमगा रहा है, बल्कि सरकार की पारदर्शी जीएसटी प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों का हवाला देते हुए कहा कि ईमानदार व छोटे व्यापारियों को बेवजह परेशान न करने की बात कही गई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारी इन नीतियों की अनदेखी कर रहे हैं।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
- प्रभाकर उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से कर निर्धारण से हटाया जाए और किसी अन्य कार्य में पदस्थ किया जाए।
- अब तक उनके द्वारा भेजे गए नोटिसों की उच्च स्तरीय जांच कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की जाए।
- भविष्य में ईमानदार व्यापारियों को इस प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं या उनका ट्रांसफर किसी अन्य स्थान पर कर दिया जाए।
👉 व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।















