कोरबा में आयोजित ऐतिहासिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का आयोजन अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता नजर आया। भीषण गर्मी के बीच खुले आसमान तले हुए इस सामूहिक विवाह समारोह में 260 जोड़ों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए गए इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। भव्य आयोजन के दावे के विपरीत, मौके पर न टेंट की समुचित व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम। तेज धूप में बैठे लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
मंच की हालत भी किसी साधारण आयोजन से बेहतर नहीं दिखी, जिससे पूरे विवाह समारोह की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लग गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे आयोजन में सिर्फ औपचारिक खानापूर्ति की गई।
ग्रामीण इलाकों से आए भोले-भाले लोग दबे जुबान में अपनी नाराज़गी जाहिर करते नजर आए। उनका कहना था कि इतनी गर्मी में पानी तक की सुविधा नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान इन अव्यवस्थाओं को लेकर मंत्री जी से भी सवाल पूछे गए, लेकिन व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार होता नहीं दिखा।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गरीब और ग्रामीण परिवारों की बेटियों की शादी के नाम पर की गई यह लापरवाही किसी की सेहत के साथ समझौता नहीं है?
कोरबा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर उठे ये सवाल प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहे हैं।















