बिलासपुर..सीबीएसई, एसएससी, नीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ बुधवार को बिलासपुर की सड़कों पर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा।जिला समाचार
राष्ट्रीय एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ की अगुवाई में निकले उग्र प्रदर्शन ने देखते ही देखते राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया। केंद्रीय मंत्री के आवास घेराव के दौरान पहले वाटर कैनन चलाया गया और बाद में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और कांग्रेस-एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच तीखा संघर्ष हुआ। इस दौरान लाठीचार्ज की स्थिति बनी जिसमें कई नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए।
नेहरू चौक से उठी हुंकार
नेहरू चौक में आयोजित सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, विधायक अटल श्रीवास्तव, विधायक दिलीप लहरिया, विधायक देवेंद्र यादव सहित कांग्रेस और एनएसयूआई के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। मंच से एक ही मांग गूंजती रही—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों ने देश की शिक्षा व्यवस्था की साख खत्म कर दी है और करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है।
मंत्री आवास बना आंदोलन का केंद्र
सभा के बाद हजारों कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री के आवास की ओर कूच कर गए। पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग कर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। प्रदर्शनकारी लगातार बैरिकेड्स पार करने का प्रयास करते रहे जबकि पुलिस उन्हें रोकने में जुटी रही।
तनाव बढ़ने पर पुलिस ने दो चरणों में वाटर कैनन का प्रयोग किया। पानी की तेज धार से बैरिकेड्स पर चढ़े कई नेता और कार्यकर्ता नीचे गिर पड़े। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रही केंद्र सरकार
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि नीट, एसएससी, सीबीएसई और अन्य परीक्षाओं में सामने आए कथित घोटालों ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं।शैक्षिक संसाधन
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, विधायक अटल श्रीवास्तव और अन्य नेताओं ने भी केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
मंत्री आवास से उपमुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े नेता
केंद्रीय मंत्री के आवास के सामने लंबे गतिरोध और वाटर कैनन के बाद आंदोलनकारी वहीं नहीं रुके। विनोद जाखड़, देवेंद्र यादव, नीरज पांडे और अन्य नेताओं की अगुवाई में प्रदर्शनकारी सीधे उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निवास की ओर बढ़ने लगे।
यहीं से हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए घेराबंदी की और सांकेतिक गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की। नेताओं और कार्यकर्ताओं को बसों में बैठाने का प्रयास हुआ, लेकिन इसका तीखा विरोध किया गया।
फिर चली लाठियां, मचा हड़कंप
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की ने अचानक उग्र रूप ले लिया। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। मौके पर मौजूद वीडियो में पुलिस जवान प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते और लाठियां चलाते दिखाई दे रहे हैं। देखते ही देखते मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कार्यकर्ता जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
लाठीचार्ज में वैशाली नगर विधायक देवेंद्र यादव घायल हो गए। उनके जबड़े में चोट आने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। युवा कांग्रेस नेता लकी मिश्रा सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं के भी घायल होने की सूचना है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने केवल भीड़ को हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं और युवा नेताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। वीडियो फुटेज में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प तथा लाठीचार्ज के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। कई कार्यकर्ता लाठियों से बचने के लिए भागते नजर आए, जबकि कुछ मौके पर ही गिर पड़े। लाठीचार्ज में दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोटें पहुंचने की बात सामने आ रही है।
बुधवार को हुआ यह घटनाक्रम शहर की राजनीति में वर्षों पुरानी एक बड़ी घटना की याद भी ताजा कर गया। करीब छह-सात वर्ष पहले कांग्रेस भवन के सामने हुए चर्चित लाठीचार्ज में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था। उस दौरान अटल श्रीवास्तव समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता घायल हुए थे। बुधवार का लाठीचार्ज और उसके बाद के हालात ने एक बार फिर उसी घटनाक्रम की याद ताजा कर दी, जिसकी चर्चा लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में होती रही थी।
गिरफ्तारियां, नारेबाजी और राजनीतिक घमासान
लाठीचार्ज और झड़प के बाद पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कोनी थाना भेज दिया। गिरफ्तारी के दौरान भी प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताते रहे।
दिनभर गरमाई रही राजनीति
वाटर कैनन, बैरिकेड्स, मंत्री आवास घेराव, उपमुख्यमंत्री निवास तक मार्च, लाठीचार्ज, घायल नेता और गिरफ्तारियों ने बुधवार को बिलासपुर की राजनीति को पूरी तरह गर्मा दिया। पेपर लीक के मुद्दे पर शुरू हुआ आंदोलन अब सीधे केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक संघर्ष का रूप लेता दिखाई दे रहा है।















