रायपुर, 03 जून 2026। सरगुजा जिले के राजपुर तहसील अंतर्गत नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार माणिक के साथ हुई मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा की घटना को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने शासन के साथ सकारात्मक चर्चा और प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई शुरू होने के बाद 4 जून से पुनः नियमित कार्य पर लौटने का निर्णय लिया है।
संघ के अनुसार 1 जून को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा विभागीय सचिव के साथ विस्तृत बैठक हुई, जिसमें राजपुर प्रकरण के आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की सुरक्षा, संसाधनों की उपलब्धता, स्टाफ की कमी, वाहन सुविधा और न्यायालयीन कार्यों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में शासन ने राजपुर प्रकरण में शीघ्र वैधानिक कार्रवाई और संघ की लंबित मांगों के चरणबद्ध निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद 3 जून को सीतापुर थाना पुलिस ने नायब तहसीलदार तुषार माणिक की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर दी। मामले के नामजद आरोपियों ने पुलिस के समक्ष अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराई है और प्रकरण की विवेचना जारी है।
संघ ने एफआईआर दर्ज होने को मामले में सकारात्मक शुरुआत बताते हुए शेष आरोपियों के विरुद्ध भी त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
संघ ने शासन से मिले आश्वासन और प्रारंभ हुई कार्रवाई को देखते हुए प्रस्तावित सामूहिक अवकाश कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट 4 जून 2026 से पुनः अपने नियमित शासकीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे, जिससे राजस्व, न्यायालयीन, निर्वाचन, जनगणना एवं अन्य प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से संचालित हो सकेंगे।
हालांकि संघ ने स्पष्ट किया है कि आगामी 15 दिनों के भीतर शेष आरोपियों के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई और लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस प्रगति नहीं होने पर वह परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करेगा।
संघ ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों, प्रशासनिक सेवा संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि शासन अधिकारियों की सुरक्षा, सम्मान और संसाधनों से जुड़े मुद्दों के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।















