कोरबा, 5 जून। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद कोरबा ने गुरुवार को महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और किसानों-मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया तथा राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
सीपीआई के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस एवं बिजली की बढ़ती कीमतों पर तत्काल नियंत्रण लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में रेलवे, बैंक, बीमा और बिजली क्षेत्र में निजीकरण पर रोक लगाने, रेलवे में समाप्त किए गए 30 हजार पदों को बहाल करने तथा रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग की गई।

इसके अलावा किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2+50 प्रतिशत फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने, मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने, श्रम कानूनों को पुनः लागू करने तथा नई श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन में कोरबा जिले से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी ने जिले में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने, तालाबों की सफाई एवं जल संरक्षण की समुचित व्यवस्था करने तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने की मांग की।
सीपीआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
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