कोरबा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी पेंशनर्स एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर राजनीतिक मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है। बुधवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत को 6 सूत्रीय मांगों से संबंधित स्मरण पत्र सौंपकर सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लंबे समय से लंबित कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। स्मरण पत्र में 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, पेंशनरों के हितों की सुरक्षा समेत कुल छह प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष प्रभात शर्मा और छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष विनय सोनवानी ने कहा कि यह केवल एक ज्ञापन नहीं, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर सरकार का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगे की रणनीति पर भी विचार करेगा। इस अभियान के तहत 9 जुलाई 2026 को कोरबा में नेता प्रतिपक्ष को स्मरण पत्र सौंपा गया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक संघ के जिला अध्यक्ष पन्नालाल पटेल, छात्रावास अधीक्षक संघ की जिला अध्यक्ष विभा द्विवेदी, छत्तीसगढ़ आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष कांता प्रसाद, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज कर्मचारी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ निशक्त कर्मचारी अधिकारी संघ सहित कई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रभात शर्मा, अजय पांडे, लक्ष्मण महंत, रेशम दुबे, पी.एल. चौधरी, एम.एल. पटेल, पी.एल. साहू, एस.के. पाठक, गोपाल प्रजापति, एस.के. द्विवेदी, नागेश गौराहा, जे.एस. पोर्ते, एन.के. राजवाड़े, तीजराम कुर्रे, सीताराम कंवर, के.एल. डहरिया, मनोहर सिंह कंवर, शैलेंद्र नंदी, संतोष कुमार यादव, राजेश साहू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर प्रतिनिधि शामिल हुए।















