कोरबा में सांसद ज्योत्सना महंत का बड़ा अल्टीमेटम! रेलवे-एसईसीएल पर बरसीं, बोलीं—डेढ़ माह में मांगें नहीं मानीं तो सड़क पर उतरूंगी,देखिए विडिओ

Must Read


कोरबा। रेलवे सुविधाओं, ट्रेनों के संचालन और भू-विस्थापितों की समस्याओं को लेकर कोरबा में नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। इन मुद्दों को लेकर कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने रेलवे और एसईसीएल को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
सांसद ने कहा कि कोरबा से रेलवे को लगातार पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद यहां के यात्रियों को अपेक्षित रेल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ट्रेनों के संचालन और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर उन्होंने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।


ज्योत्सना महंत के मुताबिक, वह पिछले करीब छह वर्षों से लगातार रेलवे अधिकारियों से कोरबा की समस्याओं और मांगों को लेकर बातचीत करती आ रही हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने बिलासपुर में ट्रेनों के कई-कई घंटे खड़े रहने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जब रेलवे को राजस्व देने वाले क्षेत्रों की बात आती है तो वहां की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
वहीं, सांसद ने एसईसीएल और भू-विस्थापितों के मुद्दे पर भी सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने विकास और खनन परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी है, उनके साथ न्याय होना जरूरी है। भू-विस्थापितों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वह इस मुद्दे को लेकर भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी।


सांसद ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि करीब डेढ़ महीने के भीतर रेलवे की मांगों और भू-विस्थापितों से जुड़े मामलों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वह सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगी। जरूरत पड़ने पर खदान बंद कराने तक की चेतावनी उन्होंने दी है।


सांसद के इस तेवर के बाद कोरबा में रेलवे सुविधाओं और एसईसीएल से जुड़े भू-विस्थापितों के मुद्दे एक बार फिर गरमाते नजर आ रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि डेढ़ महीने की समयसीमा के भीतर रेलवे और एसईसीएल की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

- Advertisement -
Latest News

एथेनॉल नीति से महंगी हुई चीनी-दाल? कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा

पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की केंद्र सरकार की नीति पर कांग्रेस हमलावर, चीनी और दाल की बढ़ती कीमतों को...

More Articles Like This