आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल, डूमरकछार में खुलेआम अवैध शराब का कारोबार

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थाना क्षेत्र के डूमरकछार में खुलेआम बिक रही अवैध शराब, मुख्यमार्ग किनारे ढाबानुमा दुकान में देशी- अंग्रेजी का खुला खेल तो देखादेखी गांव में कच्ची महुआ शराब भी बनने लगी

पुलिस जब्ती के बाद भी हौसले बुलंद, आबकारी अमले की भूमिका संदिग्ध

कोरबा। डूमरकछार में शराब का अवैध कारोबार इस कदर बेलगाम हो गया है कि कानून का खौफ नही और पंचायत के जुर्माने का भी डर नही है। इससे गांव का माहौल काफी दूषित हो रहा है। जबकि ग्राम पंचायत ने गांव में अवैध शराब बनाने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है तथा नियम तोड़ने पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी घोषित किया है। लेकिन पंचायत के इस फैसले को ठेंगा दिखाते हुए मुख्यमार्ग किनारे स्थित एक ढाबे नुमा दुकान में लंबे समय से खुलेआम आबकारी देशी व अंग्रेजी शराब बेची और परोसी जा रही है। जिसके देखादेखी गांव के एक ग्रामीण द्वारा भी कच्ची शराब बनाने व बिक्री का काम किया जा रहा है।

इस अवैध गतिविधि मामले को लेकर पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों के अनुसार मुख्यमार्ग किनारे ढाबानुमा (चखना) दुकान का संचालन करने वाले एक व्यक्ति द्वारा लंबे समय से शराब बिक्री की जा रही है। इससे मुख्यमार्ग से गुजरने वाले छोटे- बड़े वाहन चालक यहां पर रुकते हैं, शराब पीते हैं और फिर अपने गतंव्य की ओर वाहन लेकर जाते हैं। जो किसी बड़े हादसे को न्योता है। पंचायत ने अर्थदंड भी लगाया, पर संचालक ने अवैध कार्य बंद नही किया। ग्रामीण बताते हैं कि पाली पुलिस की जब्ती भी बेअसर हो गई है। जहां पुलिस द्वारा कई बार शराब जब्त करने की कार्रवाई की है, इसके बाद भी अवैध शराब विक्रेता के हौसले बुलंद हैं। दूसरी ओर आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि आबकारी अमले को अवैध शराब बेचने वाले ढाबानुमा दुकान पर आते- जाते देखा जाता है, लेकिन आज तक उनकी ओर से किसी भी प्रकार की कार्रवाई सामने नही आई है। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ढाबा (चखना) संचालक के अवैध गतिविधि के देखादेखी अब गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा भी अपने घर पर कच्ची महुआ शराब बनाने व बेचने का काम शुरू कर दिया है। इसका सबसे बुरा असर गांव के बच्चों, किशोरों पर हो रहा है और वे आपस मे पैसा इकट्ठा कर महुआ शराब खरीदकर पी रहे हैं तथा सस्ती शराब के आदी भी हो रहे हैं। साथ ही बूढ़े- जवान भी इसकी चपेट में हैं और शाम होते ही गांव में अराजकता और विवाद का माहौल बन जाता है तथा शराब अब यहां घर- घर मे कलह की वजह भी बनने लगी है। पंचायत और ग्रामीणों ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोक नही लगाई गई तो यह शराब किसी बड़ी अप्रिय घटना का कारण बन सकती है। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस से इस दिशा में ठोस और स्थायी कार्रवाई की अपेक्षित मांग की है, ताकि गांव का वातावरण दूषित होने से बच जाए।

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