“सोशल मीडिया नेतृत्व की नई पाठशाला बन चुका है” विषय पर युवाओं ने रखे प्रभावशाली विचार
जेसीआई कोरबा सेंट्रल द्वारा जेसीआई वीक के अंतर्गत श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “सोशल मीडिया नेतृत्व का नया मंच बन चुका है” रखा गया।
प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 27 उत्साही युवा वक्ताओं ने पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। लगभग 150 दर्शकों की उपस्थिति में युवाओं ने आत्मविश्वास, तार्किकता एवं प्रभावशाली अभिव्यक्ति के साथ विषय के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों के सशक्त तर्कों, नवीन विचारों एवं अभिव्यक्ति ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

प्रतियोगिता का निर्णायक मंडल श्री मनोज शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक भास्कर एवं श्रीमती कुमकुम गुलहरे, पीएच.डी. प्रोफेसर रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की तर्कशक्ति, विचारों की स्पष्टता एवं प्रस्तुतीकरण का मूल्यांकन किया तथा महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में अग्रवाल सभा कोरबा के अध्यक्ष श्री बजरंग अग्रवाल जी एवं श्री अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री गोपाल अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने युवा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा ऐसे आयोजनों को युवाओं के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रतियोगिता में पक्ष में प्रथम रमा पटेल, सबा परवीन, द्वितीय अंजलि तथा विपक्ष में प्रथम मनु मित्तल एवं द्वितीय निशा सिंह स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। विजेता प्रतिभागियों को जेसीआई ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं मेडल देकर उनके उत्साह एवं सहभागिता की सराहना की गई।
जेसीआई कोरबा सेंट्रल का उद्देश्य युवाओं को ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे वर्तमान विषय पर अपनी सोच विकसित करें, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखें, विभिन्न दृष्टिकोणों को समझें तथा अपनी नेतृत्व क्षमता को पहचानें। स्वस्थ वाद-विवाद के माध्यम से युवाओं को अपनी अभिव्यक्ति, तर्कशक्ति एवं नेतृत्व कौशल को निखारने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में जेसीआई कोरबा सेंट्रल के अध्यक्ष सीए त्रिलोकी नाथ बजाज, अंश अग्रवाल, कपिल विश्वकर्मा, सहित अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे।कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि “जब युवा मन आत्मविश्वास के साथ बोलता है, तभी नेतृत्व की शुरुआत होती है।”

















