रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा हैं, कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित, सुरक्षित बचपन हैं। विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक हैं,जब महिलाओं को अपने भविष्य से जुड़े निर्णय आत्मविश्वास के साथ लेने का अवसर मिले और प्रत्येक बच्चे को पोषण,शिक्षा तथा सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का वातावरण मिले।उन्होंने कहा,कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी मानवीय सोच को जनभागीदारी के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने का अवसर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। सरकार का प्रयास हैं,कि योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उन परिवारों तक पहुंचे,जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता हैं।
महिलाओं का आत्मविश्वास बनेगा परिवार की ताकत
मंत्री राजवाड़े ने कहा,कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। आज महिलाएं उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने अनेक महिलाओं को अपनी जरूरतों और परिवार के खर्च से जुड़े निर्णय लेने में सहयोग दिया हैं।उन्होंने बताया,कि कई महिलाएं इस राशि से बचत कर रही हैं,जबकि कुछ इसे छोटे आजीविका प्रयासों की शुरुआत के लिए उपयोग कर रही हैं। वहीं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़ रही हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ आगे बढ़ने के लिए अवसर उपलब्ध कराना भी हैं।
‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’
मंत्री ने कहा,कि स्वस्थ और सक्षम समाज की नींव बचपन में पड़ती हैं।आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों की सफलता के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी हैं।इसी उद्देश्य से 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन’ का आयोजन किया जाएगा।
इसके माध्यम से अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जोड़ने,बच्चों के भोजन और स्वच्छता की व्यवस्था को समझने तथा पोषण से जुड़े विषयों पर संवाद करने का अवसर मिलेगा।घर में बच्चों को क्या खिलाया जाए,भोजन में विविधता कैसे लाई जाए और स्वच्छता की अच्छी आदतें कैसे विकसित की जाएं इन विषयों पर परिवारों के साथ संवाद किया जाएगा। मंत्री ने कहा,कि पोषण केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं। बच्चों को उम्र के अनुसार पर्याप्त और विविध आहार मिले,उनकी वृद्धि पर ध्यान दिया जाए और परिवार उनकी देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाए, यह सामूहिक जिम्मेदारी हैं।
सुरक्षित बचपन के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
मंत्री राजवाड़े ने कहा,कि प्रत्येक बच्चे को भय और शोषण से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए केवल कानून ही पर्याप्त नहीं हैं। परिवार, विद्यालय, पंचायत, आंगनबाड़ी और समुदाय को मिलकर सजग रहना होगा।बच्चों की बात सुनना,उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराना सुरक्षित बचपन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सेवा संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगी मजबूती
मंत्री ने कहा,कि सेवा का वास्तविक अर्थ लोगों तक पहुंचना और उनकी जरूरतों को समझना हैं। किसी मां को पोषण की सही जानकारी मिलना,किसी महिला को आजीविका का अवसर मिलना और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना ही ‘सेवा संकल्प अभियान’ की सार्थक उपलब्धियां होंगी।उन्होंने आह्वान किया कि ‘आंगन मिलन’ से शुरू होने वाले संवाद और सहभागिता को निरंतर बनाए रखा जाए। परिवार, समुदाय और शासन जब मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित एवं सुरक्षित बचपन के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की नींव और मजबूत होगी।

















