कोरबा | JB News Korba | मनीष जायसवाल
कोरबा। कोरबा विधानसभा के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम चोरभठ्ठी के शासकीय प्राथमिक शाला में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर पहुंचे। यहां उन्होंने नन्हे विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बच्चों से खेल, कला और अंग्रेजी विषय से जुड़े सवाल पूछे गए, जिनका बच्चों ने मासूमियत और आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया।

शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनमें शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित ‘सभापति की पाठशाला’ मुहिम के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभापति ने बच्चों की प्रतिभा को सराहा और उन्हें निरंतर मेहनत कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रतिभाशाली बच्चों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान नियमित रूप से स्कूल आने वाले तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों शुभम, शिवांगी, सुहानी और आयुष को पुरस्कृत किया गया। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य किशनलाल कैवर्त, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सम्मत कंवर, रतन सिंह तथा शाला की शिक्षिका भुनेश्वरी राठौर उपस्थित रहीं।
सभापति नूतन सिंह ठाकुर की इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा को सामने लाना, उन्हें नैतिक शिक्षा और सामान्य ज्ञान से जोड़ना तथा परीक्षा के डर को दूर कर उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है। इस अभियान के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को शासकीय स्कूलों से सीधे जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।

दो कमरों में पांच कक्षाएं, फिर भी बड़े सपने
ग्राम चोरभठ्ठी के प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच पांचवीं तक की कक्षाएं मात्र दो कमरों में संचालित हो रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां पढ़ने वाले बच्चों के सपने किसी भी मायने में शहरी बच्चों से कम नहीं हैं।
विद्यालय में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और बच्चों को पुरस्कार मिलने से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा। इस दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर और क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सम्मत कंवर ने एनटीपीसी के आश्रित गांव में स्थित इस प्राथमिक शाला की समस्याओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन से आवश्यक पहल करने की मांग की।
निष्कर्ष: ‘सभापति की पाठशाला’ जैसी पहल ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को प्रोत्साहित करने, उनकी प्रतिभा निखारने और सरकारी स्कूलों की समस्याओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। चोरभठ्ठी के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है।

















