विश्व मितव्ययिता दिवस पर अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने नागरिकों से की नियमित बचत और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने की अपील
कोरबा। विश्व मितव्ययिता दिवस के अवसर पर अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने आम नागरिकों से अपनी आय के अनुरूप खर्च करने और नियमित बचत को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बचत की छोटी-छोटी आदतें ही भविष्य में आर्थिक सुरक्षा और परिवार की मजबूती का आधार बनती हैं।

उन्होंने बताया कि भारत में विश्व बचत दिवस 30 अक्टूबर तथा दुनिया के अधिकांश देशों में 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को बचत के महत्व के प्रति जागरूक करना और आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य के लिए मितव्ययिता की भावना को प्रोत्साहित करना है।
धनेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान उपभोक्तावादी दौर में अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना और आय का कुछ हिस्सा नियमित रूप से बचाना बेहद जरूरी हो गया है। बचत केवल धन एकत्र करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के समय आर्थिक संबल भी प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि मितव्ययिता का अर्थ कंजूसी करना नहीं, बल्कि जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझते हुए धन का विवेकपूर्ण उपयोग करना है। विशेष रूप से युवाओं को कम उम्र से ही बजट बनाने, खर्चों का सही प्रबंधन करने और नियमित बचत की आदत विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि आज की छोटी बचत ही आने वाले कल की बड़ी आर्थिक सुरक्षा बन सकती है। यदि प्रत्येक परिवार अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा नियमित रूप से बचाने का संकल्प ले और अनावश्यक खर्चों से बचे, तो इससे न केवल परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि समाज और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जारीकर्ता:
धनेश कुमार सिंह
अधिवक्ता, कोरबा (छत्तीसगढ़)















