SECL के विस्थापित परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत, मॉडल पुनर्वास ग्राम के रूप में विकसित होंगे बसाहट स्थल, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

Must Read

कोरबा, 30 अक्टूबर 2026। एसईसीएल की कोयला खदानों के विस्तार से प्रभावित होने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को एसईसीएल के कुसमुंडा, गेवरा और दीपका क्षेत्र में विकसित किए जा रहे पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी पुनर्वास स्थलों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने और सड़क, पेयजल, नाली, जल निकासी सहित सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास स्थल पूरी तरह तैयार होने और आवश्यक सुविधाएं विकसित होने के बाद ही प्रभावित गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

कलेक्टर दुदावत ने एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के अधिग्रहित ग्राम पाली-पड़निया के लिए तरदा के जंगलपारा में विकसित किए जा रहे पुनर्वास स्थल का निरीक्षण किया। इसके अलावा गेवरा क्षेत्र के अधिग्रहित ग्राम भिलाईबाजार के लिए बिरदा, नरईबोध के लिए गेवरा-इमलीछापर मार्ग स्थित जहराजेल तथा रलिया गांव के पुनर्वास के लिए दर्री में विकसित किए जा रहे स्थलों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पुनर्वास स्थलों पर जमीन समतलीकरण, सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति और जल निकासी की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने एसईसीएल अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सभी पुनर्वास स्थलों के लिए विस्तृत विकास कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि पुनर्वास ग्रामों का विकास सुनियोजित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विस्थापित परिवारों को बेहतर आवासीय वातावरण मिल सके। उन्होंने पुनर्वास स्थलों पर पार्क, खेल मैदान और अन्य सामुदायिक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया।कैलेंडर देखें

पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने भूमिगत जलस्रोतों के साथ कैनाल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर काम करने को कहा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को सभी पुनर्वास स्थलों का सीमांकन शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि खदान विस्तार के लिए अधिग्रहित गांवों के परिवारों को तब तक विस्थापित नहीं किया जाएगा, जब तक पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो जातीं। हालांकि, इस दौरान प्रभावित परिवारों की परिसंपत्तियों के मापन का कार्य जारी रहेगा।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसईसीएल के संबंधित क्षेत्रों के महाप्रबंधक, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

- Advertisement -
Latest News

कोरबा में शिक्षक बने कलेक्टर कुणाल दुदावत, ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल देकर बच्चों की परखी प्रतिभा, बिना अनुमति अनुपस्थित दो शिक्षकों को नोटिस

कोरबा, 30 अक्टूबर 2026। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे...

More Articles Like This