कोरबा। पड़ोसी जिले में रहने वाला युवक नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। उसे अलग अलग स्थानों में घुमाते हुए दुष्कृत्य को अंजाम देता रहा। जब पीड़िता गर्भवती हुई तो उसे शादी का आश्वासन देने लगा, लेकिन प्रसव उपरांत युवक ने उसे अपनाने से साफ इंकार करते हुए मारपीट करने लगा। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर दी। मामले में सुनवाई उपरांत दोषसिद्ध होने पर दोषी को आजीवन कारावास से दंडित किया गया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एफटीएससी पाक्सो कटघोरा के न्यायालय ने दिया है। विशेष लोक अभियोजक कटघोरा शोधन राम देवांगन के मुताबिक ग्राम मरनाडीह सारबहार थाना गौरेला जिला जीपीएम निवासी बंटी ध्रुवे 24 वर्ष जटगा में रहता था। इस दौरान उसका आना जाना बांगो थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग के घर था। वह 5 जून 2022 को जान पहचान का फायदा उठाते हुए नाबालिग को बहला फुसलाकर साथ ले गया।
वह नाबालिग को अपने साथ मध्यप्रदेश के मंडला, सिवनी, गोंदिया महाराष्ट्र, ओड़िसा सहित अन्य स्थानों में घूमाता रहा। इस दौरान उसने नाबालिग के साथ दुष्कृत्य को अंजाम दिया, जिससे नााबलिग के पांव भारी हो गए। बंटी ने प्रसव उपरांत बच्चे को अपना होने से इंकार करने लगा। वह पीड़िता के साथ मारपीट करने लगा। किसी के सामने नाम बताने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। उसकी हैवानियत से परेशान होकर पीड़िता ने बांगो थाने में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश कर दिया। मामले की सुनवाई कटघोरा स्थित विशेष न्यायाधीश एफटीएससी पॉक्सो श्रद्धा शुक्ला शर्मा के न्यायालय में चल रही थी। सुनवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य व सबूत पेश किया गया, जिससे दोषसिद्ध हो गया। न्यायालय ने दोषी बंटी ध्रुवे को धारा 363 व धारा 366 में दो- दो साल सश्रम कारावास व पॉक्सो एक्ट के आजीवन कारावास जो दोषी के शेष प्राकृत जीवनकाल से अभिप्रेत है और दो हजार अर्थदंड से दंडित किया है।















