कोरबा। मेरे बेटे ने आत्महत्या नही की, उसकी हत्या हुई है। बेटे का एक रिश्तेदार की बेटी से प्रेम संंबंध था। मैं शादी का प्रस्ताव लेकर उनके घर गई थी, लेकिन उन्होंने न सिर्फ रिश्ते को ठुकराया, बल्कि लगातार धमकी देना शुरू कर दिया। युवती अपनी मां के साथ मेरे घर आई थी। उन्होंने एक वकील को बुलाने की बात कहते हुए सबक सिखाने की धमकी दी, जिससे मेरा बेटा बुरी तरह घबराया हुआ था। वह उसी दिन काम के नाम पर निकला, लेकिन घर नही लौटा। उसके अंतिम संस्कार के समय युवती के पिता ने हत्या की बात भी कहीं थी। यह सनसनीखेज आरोप उरगा थानांतर्गत ग्राम कनबेरी में रहने वाली मृतक शंकर रोहिदास की बूढ़ी मां नीराबाई रोहिदास ने लगाई है।दरअसल नीरा बाई शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची थी। उसने बताया कि उसका पुत्र शंकर 17 जून को काम में जाने के नाम पर निकला, इसके बाद नही लौटा। उसकी मोबाइल की घंटी बज रही थी, लेकिन रिसिव नही हो रहा था। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस लोकेशन के आधार पर दो दिन बाद गांव से करीब 100 मीटर दूर पहंची, जहां परसा पेड़ की डाली में शंकर का शव लटकते मिला था। उसके शरीर में चोंट के निशान थे।
कपड़े में भी जगह जगह निशान था। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी मिले थे,जो हत्या कर शव लटकाए जाने की ओर इशारा कर रहा था। उसने बताया कि उसके पुत्र शंकर का एक रिश्तेदार की बेटी से प्रेम संबंध था। वह रिेश्तेदार के घर बेटे की शादी का प्रस्ताव लेकर पहुंची थी, लेकिन उन्होंने रिश्ते को ठुकरा दिया। इसके बाद से ही युवती और उसके परिजन बेटे को परेशान कर रहे थे। 16 जून की सुबह भी युवती अपनी मां के साथ घर आई थी। उन्होंने गाली गलौच करते हुए जान से मरवा देने की धमकी दी। साथ ही तिरथ नामक वकील को बुलवाने की बात कहते हुए सबक सिखाने की धमकी दे रहे थे। जिससे शंकर बुरी तरह भयभीत था। अंतिम संस्कार के दूसरे दिन भाई व युवती के पिता के बीच बहसा बहसी हुई थी। इस दौरान युवती के पिता ने हत्या की बात स्वीकारते हुए धमकी दी थी। उसका कहना है कि शंकर की मौत से पहले भी उसे बाइक सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने अगवा करने की कोशिश की थी। मृतक की मां ने पुलिस अधीक्षक के नाम शिकायत पत्र सौंपते हुए निष्पक्ष जांच व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जांच में लेट लतीफी, आरोपी को बचाने का आरोप
घटना को एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, इसके बाद भी जांच आगे नही बढ़ी है, जिससे पुलिस पर भी आरोपी को बचाने का आरोप लगने लगा है। नीरा बाई का कहना है कि पुलिस ने शव का निरीक्षण किया। इस दौरान बेटे के शरीर में निशान मिले थे। जिससे पुलिस ने भी मामले को संदिग्ध बताया था, लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई नही की गई। हालांकि उरगा पुलिस ने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रेम प्रसंग संबंधी कोई भी जानकारी परिजनों ने नही दी थी।















