कोरबा, 29 जुलाई। नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने विकास एवं निर्माण कार्यों में हो रही लेटलतीफी पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि बार-बार नोटिस के बावजूद काम शुरू नहीं करने वाली निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे ठेकेदारों की समीक्षा कर तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
साकेत स्थित निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने निगम के अभियंताओं एवं अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं, विभागीय कामकाज, टीएल प्रकरणों और जनशिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं।
बैठक में वित्त आयोग, जिला खनिज न्यास (DMF), सीएसआर, सांसद एवं विधायक निधि, महापौर एवं पार्षद निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन और स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सीसी रोड, नाली, सीवर लाइन, सामुदायिक भवन, कलवर्ट, शाला भवन, उद्यान, तालाब सौंदर्यीकरण, डिवाइडर, बाउंड्रीवाल, विद्युत विस्तार समेत अन्य निर्माण कार्यों की जोनवार समीक्षा की गई। आयुक्त ने कार्यों में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कलेक्टर टीएल, निगम टीएल, जनचौपाल, मुख्यमंत्री जनदर्शन और पीएमओ पोर्टल पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा वाले मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने उन हितग्राहियों को चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए, जिन्हें राशि मिलने के बावजूद उन्होंने आवास निर्माण प्रारंभ नहीं किया है। जोन कमिश्नरों को इस दिशा में विशेष रुचि लेकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बिना निगम अनुमति के हो रहे भवन एवं दुकान निर्माण पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि अवैध निर्माण करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाए और ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखी जाए।
इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकारियों से नियमित मॉर्निंग विजिट करने तथा खराब स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।
आयुक्त ने शहर की सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आवारा मवेशी सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहे हैं, इसलिए उन्हें काऊ कैचर के माध्यम से गोठानों तक पहुंचाया जाए तथा निर्धारित अर्थदंड लेकर ही पशु मालिकों को वापस सौंपा जाए।
बैठक में अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त नीरज कौशिक, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह सहित निगम के सभी जोन कमिश्नर, अभियंता एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















